अम्बेडकर नगर. हिंदी पंचांग के अनुसार भारतीय नव वर्ष नवसंवत्सर का आज से प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर पर भारतीय नववर्ष का स्वागत करने के लिए जिले के टाण्डा में सरयू नदी के तट पर विशाल आयोजन किया गया, जिसमें प्रकांड ज्योतिषाचार्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां सरयू की पूजा अर्चना के साथ 21 हजार एक सौ 11 दीपों की महा आरती की गई। इस आयोजन में पूरे नगर और ग्रामीण क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए जिसमें महिलाओं और बच्चों की संख्या सर्वाधिक रही।
भगवान श्रीराम की पावन भूमि अयोध्या से होकर बहने वाली पवित्र नदी मां सरयू, जो टांडा से होते हुए आजमगढ़ जिले से आगे जाकर मां गंगा में समाहित हो जाती हैं। इस पवित्र मां सरयू की बासंतिक नवरात्र और नवसंवत्सर पर महा आरती का आयोजन विगत कई वर्षों से किया जाता है। मान्यता है कि जिस प्रकार देवी के विभिन्न स्वरुप हैं और उन्हीं स्वरूपों में से गंगा और सरयू भी हैं। इसलिए इस महा आरती में मां सरयू की पूजा अर्चना और आरती यहां वर्षों से होती चली आ रही है।
लोग दे रहे हैं बधाइयां-
जहां इस नवरात्र पर लोग मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना करने में लीन हैं और व्रत रख कर मां दुर्गा से अपनी मनोकामना पूर्ण करने का आशीर्वाद मांग रहे हैं। वहीं भारतीय नव वर्ष को परंपरागत रूप से भी मनाते हुए एक दूसरे को बधाईयां दे रहे हैं।
इस तरह सम्पन्न हुआ आयोजन-
इस वर्ष भी बासंतिक नवरात्र और नवसंवत्सर के आगमन पर टांडा के हनुमानगढ़ी घाट के सामने सरयू नदी की जलधारा के पास 21 हजार दीपों से मां सरयू की महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में महिलायें, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। इस आयोजन में नदी की जलधारा में नाव पर मां सरयू की पूजा अर्चना का भी आयोजन किया गया, जिसमे यहां के प्रसिद्द कर्मकांडी और ज्योतिष शास्त्री पंडित राकेश मिश्र के द्वारा मंत्रोचार के द्वारा संपादित कराया गया।
आयोजक मंडल की तरफ से यजमान के रूप में मां सरयू का दूध, सिंदूर, अबीर, पुष्प, फल और वस्त्र भी भेंट स्वरुप दिया गया। आखिर में मां सरयू की महा आरती प्रारंभ हुई, जिसमें वहां उपस्थित सभी महिलाओं ने मिलकर 21 हजार दीपों से मां सरयू की आरती की। जिस समय महा आरती का आयोजन चल रहा था, उस समय सरयू नदी मानों दीपावली मना रही थी। इस क्षण को देखने के लिए भी लोगों की काफी भीड़ वहां मौजूद रही। घंटों चले इस आयोजन का दृश्य इतना मनोरम था, कि वहां मौजूद सभी लोग पूरी तरह से भक्ति भाव में लीन नजर आए।