
प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों से घूसखोरी में लिप्त हैं कर्मचारी और अधिकारी, वीडियो हुआ वायरल
अम्बेडकर नगर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक देश के गरीबों को आवास मुहैया करा देने की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को आवास बनवाने के लिए सरकार रुपया दे रही है। नगरीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास के लिए ढाई लाख रुपये दो किस्तों में दिए जाने का प्राविधान है, जिसमें पहली किस्टक लाख रुपये काम शुरू होने से लेकर लिंटल तक के निर्माण के लिए और दूसरी क़िस्त डेढ़ लाख रुपये उसके बाद के कार्यों के लिए मिलना होता है। नगरीय क्षेत्रों में पात्रों का चयन स्थानीय नगर पालिका और जिला नगरीय विकास अभिकरण ( डूडा) के संयुक्त जांच के आधार पर होता है। इसी जांच के नाम बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जिसमें साफ तौर पर खुलासा हुआ है कि बिना घूस दिए विभाग के कर्मचारी और अधिकारी गरीबों को पात्रता की सूची में नही डालते और इस बात का भी खुलासा हुआ है कि कई बार पात्र होने के बावजूद गरीब का नाम शामिल करने के बजाय अवैध वसूली करके अपात्र व्यक्तियों का नाम चयनित कर लेते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में इस बड़े भ्रष्टाचार का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें अम्बेडकर नगर जिले की सबसे बड़ी नगर पालिका टांडा का एक कर्मचारी जो प्रधानमंत्री योजना का लाभ पाए व्यक्ति से वसूली करने पहुंचा था पैसा न देने की दशा में किस किस तरह की धमकी दे रहा है, यह वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिखाई पड़ रहा है। इस कर्मचारी ने इस बात का भी खुलासा किया कि इस भ्रष्टाचार में और कौन कौन हिस्सा लेते हैं।
हैरान कर देने वाली सच्चाई आई सामने
एक तरफ तो केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार भ्रष्टाचार मिटाने के दावे कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ आमजन और विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगा रहे हैं। पीएम आवास योजना में ठंडा नगर पालिका का यह वीडियो तो अब वायरल हुआ है, लेकिन यहां भ्रष्टाचार की जड़े काफी मजबूत हैं। आवास योजना के अलावा भी इस नगर पालिका में करोड़ों रुपये विकास के नाम पर खर्च किये गए, लेकिन कमीशनखोरी के नाम पर आज तक कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता ऐसी की कोई भी निर्माण एक साल या दो साल में टूट कर समाप्त हो जाता है।
पीएम आवास ईंजन का जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमे टांडा नगर क्षेत्र के एक मुहल्ले में आवास के एक लाभार्थी से मौके पर पहुंचे नगर पालिका का एक कर्मचारी अनूप यादव लाभार्थी से पहली किस्त के एवज में पांच हजार रुपये मांग रहा है और जब लाभार्थी देने से मना किया तो वह धमकी दे रहा है कि उसका नाम आवास होजन से कैंसिल कराकर रिकवरी करा देगा। इतना ही नहीं, इस कर्मचारी ने स्वयं ही कबूल किया है कि जिसने पैसा नहीं दिया वह खुले आसमान के नीचे नाले पर राह रहा है।
उसने यह भी बताया कि इस वसूली के पैसे में नगर पालिका टांडा के पीएम आवास का प्रभारी राम बाबू गुप्ता के अलावा अन्य लोग, यहां तक कि डूडा के प्रबंधक का भी हिस्सा है। जिस तरह से यह कर्मचारी अनूप यादव इस गरीब लाभार्थी को धमकी देते हुए एक के बाद एक खुलासे कर रहा है, उसे देखने और सुनने के बाद यह बात तो साफ है कि यह योजना एक बड़े भ्रष्टाचार के रूप में परिवर्तित हो गई है, जिसमे शासन स्तर से बड़ी जांच और कार्यवाही की आवश्यकता है। अब देखना यह है कि शासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
Updated on:
22 Jan 2019 02:28 pm
Published on:
22 Jan 2019 01:09 pm
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