
Gangrape
अंबिकापुर. 16 वर्षीय एक लड़की शादी समारोह में शामिल होने ११ मई को गई थी। यहां उसे परिचित युवक मिला, उसने किशोरी को बातों ही बातों में बहलाकर वह आयोजन स्थल से दूर घुमाते हुए ले गया। रास्ते में उसका दोस्त बाइक लेकर खड़ा था। इसके बाद दोनों ने उसे जबरन बाइक पर बैठाया और एक घर में ले गए।
यहां परिचित युवक ने पहले दुष्कर्म किया फिर उसके दोस्त ने भी आबरु लुटी। दोनों युवक ने दो दिन तक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया। पीडि़ता ने माता-पिता के साथ थाने पहुंचकर घटना की शिकायत करने स्थानीय थाने पहुंची तो रिपोर्ट लिखने से मना कर समझौता करने कहा गया। इसके बाद पीडि़ता के परिजन ने आईजी से न्याय की गुहार लगाई।
शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी 11 मई को गांव में एक शादी समारोह में गई थी। इसी दौरान किशोरी की मुलाकात उसके पहचान के युवक ग्राम खैराडीह निवासी धर्मेंद्र यादव पिता रविंद्र यादव 24 वर्ष से हुई। युवक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ बाहर लेकर चला गया।
कुछ दूर जाने के बाद अनिल यादव पिता मुरारी यादव 22 वर्ष सूनसान जगह पर बाइक लेकर खड़ा था। पीडि़ता का आरोप है कि इसके बाद दोनों युवक उसे जबरन बाइक में बैठाकर ग्राम पटोरा लेकर गए। वही अनिल यादव किशोरी को एक घर में लेकर गया और उसके साथ दोनों जबरन 2 दिनों तक दुष्कर्म करते रहे।
पीडि़ता ने जब विरोध किया और शोर मचाने लगी तो आरोपी युवक उसे परिजन के घर छोड़कर फरार हो गए। पीडि़ता ने परिजन को आपबीती सुनाई तो परिजन आग बबूला हो गए। पीडि़ता के पिता और भाई आरोपियों से घटना की जानकारी लेने पहुंचे तो दोनों आरोपी और उनके पिता ने मिलकर पीडि़ता के पिता और भाई की बेदम पिटाई की।
पीडि़ता का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों का 25 अन्य लोगों ने भी साथ दिया और पीडि़ता की भी जमकर पिटाई की। वहीं जब पीडि़ता और उसके परिवार ने मामले की शिकायत शंकरगढ़ थाने में की तो थानेदार ने शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया।
आइजी से की एफआइआर दर्ज करने की मांग
गुरुवार को पीडि़ता और उसके परिजन ने अंबिकापुर पहुंचकर आईजी केसी अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान पीडि़त परिवार ने आरोपियों सहित शंकरगढ़ थानेदार के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए। पीडि़त परिवार ने आइजी को शिकायत की कि थानेदार ने एफआइआर दर्ज नहीं की। थानेदार ने पीडि़त परिवार को आरोपी पक्ष से समझौता कर मामला को रफा-दफा करने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया।
पीडि़ता और उसके परिवार ने आइजी से मांग की है कि मामले की जांच उच्च अधिकारियों से करा कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई की जाए। आइजी ने पीडि़ता को निष्पक्ष रूप से न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इधर थानेदार का कहना था कि पीडि़ता व उसके परिजन थाने में शिकायत लेकर ही नहीं आए थे।
Published on:
21 May 2019 06:05 pm
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