प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम अब मैनपाट के मौसम पर भी पडऩे लगा है। यहां के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई व विकास के नाम पर खनिज उत्खनन के कारण मैनपाट में अब वो बात नहीं रही है। छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में जहां कभी गर्मी के मौसम में भी लोग ठंड का एहसास करते थे, लेकिन वनों के दोहन से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मैनपाट की तेजी से बदल रही आबोहवा को देखते हुए मुख्यमंत्री भी विकास प्राधिकरण की बैठक में चिंता व्यक्त कर चुके हैं।