सामान्य चिकित्सालय में लैब टैक्नीशियन से मारपीट के मामले को लेकर चल रहा चिकित्साकर्मियों का कार्य बहिष्कार शुक्रवार को आरोपित की ओर से खेद जताने के बाद समाप्त हो गया।
चिकित्साकर्मियों ने सुबह 9 बजे कार्य बहिष्कार कर बैठक की। इस दौरान आरोपित पक्ष की ओर से घटनाक्रम को लेकर खेद जताने के प्रस्ताव को लेकर चर्चा की।
संयुक्त कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष रामबाबू शर्मा, पंचायतीराज कर्मचारी संघ प्रदेश मंत्री रामकिशोर शर्मा, शिक्षक संघ प्रगतिशील प्रदेश मंत्री नगेन्द्र शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी. बी. सिंह व चिकित्सालय अधिकारी-कर्मचारी समन्वय समिति अध्यक्ष महेन्द्र लोढी ने आरोपित जितेन्द्र मीणा के डिप्रेशन में होने और राजकीय कर्मचारी होने के चलते खेद जताने के प्रस्ताव पर चिकित्साकर्मियों से सहमति के बारे में पूछा।
इस पर चिकित्साकर्मियों ने सहमति जताई। बैठक को घनश्याम रावत, ओपी नागी आदि ने भी सम्बोधित किया। इसके बाद आरोपित जितेन्द्र मीणा बैठक में पहुंचा और एक नवम्बर को हुए घटनाक्रम को लेकर खेद जताया।
पीडि़त लैब टैक्नीशियन दीपक गोयल से गले मिलकर गिला-शिकवा दूर किया। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक हरिमोहन शर्मा, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक रूकमणी, नर्सेज एसोसिएशन जिला अध्यक्ष अशोक, लैब टैक्नीशियन जिलाध्यक्ष वीरसिंह, पवन मीणा सहित चिकित्सक व चिकित्साकर्मी मौजूद थे।
अध्यक्ष लोढी ने मामले में सहयोग के लिए कर्मचारी संगठनों का आभार जताया। गौरतलब है, कि लैब टैक्नीशियन दीपक गोयल से मारपीट के मामले को लेकर चिकित्साकर्मी 4 नवम्बर से रोज एक घंटे कार्य बहिष्कार कर रहे थे।
बैठक के बाद शुरू किया कार्य
आरोपित के खेद जताने के बाद बैठक समाप्त होने पर चिकित्साकर्मियों ने कार्य प्रारंभ किया। इसके बाद अस्पताल पहुंचे रोगियों को पर्ची व दवा मिल सकी और चिकित्सकों ने रोगियों को देखा।