
dead body near septic tank
अंबिकापुर. जयनगर थानांतर्गत लटोरी स्थित नवापारा में निमार्णाधीन सैप्टिक टैंक में जहरीली गैस के रिसाव से बाप-बेटे सहित 2 मजदूरों का दम घुट गया। इस हृदयविदारक हादसे में चारों की चंद मिनट में ही मौत हो गई। जब अन्य ग्रामीण उन्हें निकालने घुसे तो वे भी गैस की चपेट में आए लेकिन समय रहते वे मौत के मुंह से बच निकले। पुलिस जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची और टैंक को तोड़कर चारों की लाशें निकालीं।
जैसे ही सभी की लाशें बाहर निकालकर बाहर रखी गईं। वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। वाकई में यह नजारा बेहद खौफनाक था। सूचना मिलते ही एसएसपी भी मौके पर पहुंचे। पंचनामा पश्चात शवों को पीएम के लिए भिजवाया गया। मामले की जांच की जा रही है।
सूरजपुर जिले की लटोरी स्थित ग्राम नवापारा स्थित एक मकान में एक-एक कर 4 लोगों की मौत हो गई। इसमें बाप-बेटे भी शामिल हैं जो अपने घर में शौचालय बनवा रहे थे। शौचालय की टंकी का निर्माण पूरा हो चुका था। उसमें से सेटिं्रग प्लेट निकालने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। दरअसल सत्यनारायण कुशवाहा 55 वर्ष ने 25 दिन पूर्व नए सैप्टिक टैंक का निर्माण कराया था।
सैप्टिक टैंक की सेट्रिंग निकालने उसने 2 अन्य मजदूरों विजय कंवर 30 वर्ष व झेमल को भी बुलाया था। मंगलवार की सुबह 9.30 बजे दोनों मजदूर सैप्टिक टैंक के भीतर सेट्रिंग प्लेट निकालने घुसे थे लेकिन वे बाहर नहीं निकल पाए। यह देख सत्यनारायण व उसका बेटा 30 वर्षीय भानू भी टैंक के नीचे उतरे, लेकिन वे भी बेहोश होकर वहीं गिर पड़े।
सभी की दम घुटने से मौत हो चुकी थी। काफी देर बाद जब चारों टैंक के भीतर से बाहर नहीं निकले तो पड़ोस के अन्य लोग वहां पहुंचे। 3 ग्रामीण जब टैंक के भीतर घुसने लगे तो उन्हें गैस की दुर्गंध आई। इससे वे भी बेहोशी की हालत में आने लगे, लेकिन समय रहते वे मौत के मुंह से बच निकले।
सूचना मिलते ही जयनगर टीआई तेजनाथ सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। इधर घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी आरपी साय व नायब तहसीलदार भी घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने जहरीली गैस के रिसाव की आशंका पर जेसीबी मंगाकर सैप्टिक टैंक को तुड़वाया और बाप-बेटे सहित दोनों मजदूरों का शव बाहर निकलवाया।
घटना से नवापारा क्षेत्र में मातम पसर गया है। शवों को पीएम के लिए बिश्रामपुर अस्पताल ले जाया गया।
पुराने सैप्टिक टैंक से गैस रिसाव की आशंका
निर्माणाधीन सैप्टिक टैंक के बगल में ही पुराना सैप्टिक टैंक भी स्थित है। उसी से सटाकर उक्त टैंक का निर्माण किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि पुराने टैंक से ही जहरीली गैस का रिसाव हो रहा होगा और इसी की चपेट में आकर चारों की मौत हो गई होगी। फिलहाल पुलिस व एक्सपर्ट मामले की जांच में जुटे हैं।
Published on:
22 Aug 2017 02:24 pm
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