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अंबिकापुर. एक महिला अपने मायके से पति के साथ शनिवार की शाम घर लौट रही थी। गोद में उसने अपने दूधमुंहे बेटे को पकड़ा था। रास्ते में तीनों बारिश के पानी से भरा नाला पार कर रहे थे। इसी बीच उसकी गोद से फिसलकर मासूम बेटा नाले में गिर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि पल भर में मासूम उनकी आंखों से ओझल (Innocent drowned) हो गया।
माता-पिता मासूम बेटे को ढूंढने गुहार लगाते रहे लेकिन संभवत: उनका बेटा इस दुनिया से हमेशा के लिए दूर चला गया है। हालांकि घटना के 24 घंटे बाद भी उसका पता नहीं चल सका है, ऐसे में माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। (Chhattisgarh incident)
सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक के तराई क्षेत्र स्थित ग्राम हर्रामार, करियापारा निवासी होलिका सिदार पति शिव सिदार कुछ दिन पूर्व अपने मायके ग्राम तमता गई थी। शनिवार की शाम करीब 7 बजे वह अपने दूधमुंहे बेटे और पति के साथ पैदल घर लौट रही थी। बेटे को उसने सीने से लगा रखा था।
इसी बीच रास्ते में पडऩे वाले करिया नाला को वे पार करने लगे। नाले में पानी का बहाव तेज था। इसी बीच महिला की गोद से फिसलकर मासूम बहते नाले में जा गिरा।
अंधेरा होने के कारण पति-पत्नी को बच्चा नहीं दिखा और पल भर में ही उनकी आंखों से वह ओझल हो गया। बेटे को हमेशा के लिए खो देने के गम में दोनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वे मदद के लिए चिल्लाते रहे लेकिन वहां उनकी कोई सुनने वाला नहीं था।
घर पहुंचकर परिजन को दी जानकारी
मासूम बेटे के बह जाने के बाद वे रोते-बिलखते घर पहुंचे और इसकी जानकारी परिजन को दी। इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे और बच्चे की खोजबीन में जुट गए लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। गौरतलब है कि घटना के 24 घंटे बाद भी मासूम का कोई सुराग नहीं लग सका है। मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई है।
Published on:
29 Sept 2019 09:15 pm
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