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Breaking News : दिव्यांग बेटी को परीक्षा दिलाने पहुंचा था सरपंच, कॉलेज के सामने अचानक हो गया दर्दनाक हादसा

कॉलेज के सामने कोयला अनलोड कर लौट रहे ट्रेलर ने बेटी को लिया चपेट में, अस्पताल में तोड़ दिया दम

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Road accident

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अंबिकापुर/बिश्रामपुर. सूरजपुर जिले के ग्राम परसापारा का सरपंच मंगलवार की सुबह अपनी दिव्यांग बेटी को परीक्षा दिलाने बाइक से छोडऩे कॉलेज गया था। दोनों कॉलेज के सामने खड़े ही हुए थे कि तेज रफ्तार में आ रहे ट्रेलर ने बेटी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल बेटी को तत्काल श्रीराम हॉस्पिटल अंबिकापुर ले जाया गया।

यहां इलाज शुरु होते ही उसने दम तोड़ दिया। आंखों के सामने बेटी के मौत के मुंह में चले जाने से पिता सदमे में है। इधर हादसे के बाद चालक ट्रेलर लेकर फरार हो गया। वह कोयला अनलोड कर वापस जा रहा था। पुलिस ने अज्ञात ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।


सूरजपुर जिले के जयनगर थानांतर्गत ग्राम पंचायत परसापारा सरपंच प्रताप भानू सिंह की दिव्यांग बेटी अर्चना सिंह 20 वर्ष प्रथम वर्ष की परीक्षा दे रही थी। सिलफिली स्थित कॉलेज में मंगलवार को भी सुबह 11 बजे से उसकी परीक्षा थी। सरपंच अपनी बेटी को बाइक से कॉलेज छोडऩे गया था। कॉलेज के सामने पहुंचने के बाद दोनों सड़क किनारे खड़े थे।

इसी दौरान कमलपुर कोल साइडिंग से तेज रफ्तार में आ रहे अज्ञात ट्रेलर ने बेटी को टक्कर मार दी। टक्कर से बेटी सिर के बल सड़क पर गिरी। यह देख तत्काल सरपंच पिता सहित अन्य लोग दूसरे वाहन से उसे लेकर श्रीराम हॉस्पिटल अंबिकापुर पहुंचे।

यहां इलाज शुरु होते ही दिव्यांग बेटी की मौत हो गई। बेटी की मौत से पिता जहां सदमे में है वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सरपंच की बेटी की मौत से गांव में भी मातम पसर गया है।


ट्रेलर लेकर ड्राइवर फरार
दिव्यांग छात्रा को टक्कर मारने के बाद ड्राइवर टे्रलर लेकर उसी रफ्तार से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर परसा-केते से कोयला लोड कर उसे अनलोड करने कमलपुर साइडिंग पहुंचा था। इसके बाद वह दोबारा कोयला लोड करने परसा केते जा रहा था। इसी दौरान उसने हादसे को अंजाम दिया। इधर पुलिस ने अज्ञात ट्रेलर चालक के खिलाफ जुर्म दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरु कर दी है।


मौत बनकर दौड़ रहे कोयला लोड वाहन
कोयला लोड लेकर चलने वाले कई सालों से मौत बनकर दौड़ रहे हैं। इन्होंने कई लोगों की अब तक जान ले ली है। अधिकांश हादसे ड्राइवरों द्वारा ज्यादा ट्रिप मारने के चक्कर में हो रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद जिम्मेदार भी इसके लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं। नतीजतन ट्रेलर, हाइवा सहित ट्रक चालकों के हौसले बढ़े हुए हैं।