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पढऩे का ऐसा हौसला कि उफनती नदी पार कर हर दिन बच्चे जाते हैं स्कूल

सरगुजा जिले के बड़ादमाली से होकर गुजरने वाली बरनई नदी में हर दिन बच्चे जान डालते हैं जोखिम में, शासन-प्रशासन मौन

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students in river

Students cross river to went school

अंबिकापुर. विकास का दंभ भरने वाली सरकार के राज्य में आज भी बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी से होकर स्कूल पहुंच रहे हैं। ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता की बात करना बेमानी होगी। सिर्फ एक पुल नहीं बन पाने की वजह से जिला मुख्यालय से महज 20 किमी दूर स्थित ग्राम बड़ादमाली के चार गांव के लोगों को आए दिन परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। लेकिन इनकी परेशानियों की तरफ न तो प्रशासन का ध्यान है और न ही जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का।


लोक सुराज में शिकायतों को तत्काल मौके पर ही निराकरण करने का दावा भी खोखला साबित हो रहा है। सरगुजा जिले में आज भी कई ऐसे ग्राम पंचायत हैं, जहां के लोग बारिश शुरू होते ही न केवल जिला मुख्यालय से, बल्कि ब्लॉक मुख्यालय से भी कट जाते हैं। लेकिन आज तक इन गांव की दशा सुधारने की तरफ न तो सरकार का और न ही जिला के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान है।

जिला मुख्यालय से महज 20 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत बड़ादमाली के आश्रित गांव महुआभौना, हसिनापानी, परसाकछार व ऊपरपोड़ी बारिश शुरू होते ही पूरी तरह से मुख्यालय से कट जाते हैं। इन आश्रित गांवों की जनसंख्या लगभग 1500 होगी। एक पुल नहीं बन पाने की वजह से इन गांव के बच्चों सहित अन्य लोगों को अपने सभी जरूरी काम के लिए बरनई नदी से होकर जाना पड़ता है। गांव के लोगों ने लोक सुराज में भी इसकी शिकायत की थी।

इसके साथ ही जनदर्शन में पुलिया निर्माण के लिए लगभग ६ माह पूर्व आवेदन प्रस्तुत किया गया था। लेकिन उस पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। आज भी बच्चे नदी से होकर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी से होकर अपना भविष्य गढऩे पहुंचते हैं। लेकिन इनकी समस्याओं से जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को कोई लेना-देना नहीं है।


जरा सी असावधानी से हो सकता है हादसा
छोटे-छोटे बच्चों के साथ हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं भी इन दिनों बरनई नदी से होकर जान जोखिम में डाल बड़ादमाली स्थित स्कूल पहुंच रहे हैं। ग्राम पंचायत द्वारा अस्थायी तौर पर खम्भे लगाकर आवागमन की व्यवस्था की गई थी। लेकिन बुधवार को हुई बारिश में वह भी बह गया। इसके साथ अगर बारिश के दिनों में किसी की तबीयत खराब हो जाए तो उन्हें भी नदी से होकर अपना इलाज कराने बड़ा दमाली पहुंचना पड़ता है। क्योंकि नदी की वजह से एम्बुलेंस भी गांव में नहीं पहुंच पाती है।


सरकार के दावों की खुली पोल
मुख्यमंत्री जब भी किसी कार्यक्रम में पहुंचते हैं तो उनके द्वारा एक ही बात कही जाती है कि सरगुजा का इतना विकास हो गया है, कि यहां के लोग अब संतुष्ट हैं। लेकिन उनकी बातें बड़ादमाली के चारों आश्रित ग्राम की हकीकत देखकर खोखली लगती हैं। यहां जरूरत के कोई भी संसाधन उपलब्ध नहीं हंै। गांव के लोगों को बाजार, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा व अन्य जरूरी कामों के लिए नदी पार कर बड़ादमाली पहुंचना होता है। ऐसे में विकास के दावे करना पूरी तरह से बेमानी ही साबित हो रहे हैं।


बारिश के बाद होगा पुल का निर्माण
जनपद पंचायत के सीईओ को संबंधित गांव जानकारी लेने के लिए भेजा गया था। लेकिन नदी में काफी पानी होने की वजह से अभी कोई काम शुरू नहीं किया जा सकता है। बारिश रूकने के बाद नदी पर पुल का निर्माण कराया जाएगा।
किरण कौशल, कलक्टर

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