
Suspend order
अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग (Chhattisgarh police) द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने में असफल रहने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर अब बर्खास्तगी व निलंबन की कार्रवाई की जा रही है।
इसी कड़ी में डीजीपी डीएम अवस्थी ने महिला अपराधों की विवेचना में लापरवाही पर बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर एसडीओपी (SDOP) धु्रवेश जायसवाल व रघुनाथनगर टीआई जॉन प्रदीप लकड़ा को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पुलिस विभाग (Police department) में हडक़ंप मचा हुआ है।
गौरतलब है कि सीएम ने महिला अपराधों पर अंकुश लगाने पहले ही पुलिस विभाग को निर्देश दिए थे। इधर वाड्रफनगर क्षेत्र में पिछले 20 दिन में बलात्कार (Rape) व सामूहिक बलात्कार (Gangrape) के 3 मामले सामने आ चुके हैं।
गौरतलब है कि नशे के कारोबारियों पर अंकुश लगा पाने में नाकामयाब रहने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सरगुजा आईजी रतनलाल डांगी द्वारा पिछले महीने से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
आईजी ने अंबिकापुर कोतवाली व गांधीनगर टीआई को इस मामले में जहां लाइन अटैच किया गया था, वहीं दोनों थाने के एक-एक एएसआई को निलंबित किया गया था। इसके अलावा 5 दिन पूर्व ही एसपी ने गांधीनगर थाने के एक आरक्षक को बर्खास्त किया गया है, जबकि एक प्रधान आरक्षक व 3 आरक्षकों को नोटिस जारी किया गया है।
बर्खास्त आरक्षक के मोबाइल कॉल डिटेल में पुलिस को नशे का कारोबार करने वाले महिला से 40 बार बात करने की बात सामने आई थी।
गृह विभाग की बैठक से पहले कार्रवाई
इधर गृह विभाग की बैठक से पहले डीजीपी डीएम अवस्थी (DGP DM Avasthi) ने बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर एसडीओपी व रघुनाथनगर टीआई को सस्पेंड कर दिया है।
दोनों के खिलाफ महिला अपराधों की विवेचना में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में दोनों को सरगुजा आईजी कार्यालय (IG office) में नियत किया गया है।
Published on:
14 Oct 2020 01:39 pm

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