
Collector at hospital
अंबिकापुर. दीनदयाल मेडिकल असेस्मेंट एंड अप्रैजल ऐप की शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन ङ्क्षसह ने औपचारिक शुरूआत की। इसके अगले दिन शनिवार को कलक्टर किरण कौशल अचानक मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंंचीं। इस दौरान अस्पताल के ओपीडी में कुछ चिकित्सक अपने कक्ष में मौजूद थे। वहीं कई चिकित्सक नदारद थे।
चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर कलक्टर ने नाराजगी जताई। वहीं सोनोग्राफी कक्ष व अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने ऐप में कई बदलाव किए जाने के भी संकेत दिए हैं। ऐप के जरिए जिला प्रशासन अब डाक्टरों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग कर रहा है।
खास बात यह है कि इस ऐप ने एक ओर जहां डाक्टरों की मुसीबत बढ़ा दी है वहीं दूसरी ओर मरीजों को इसका जबर्दस्त लाभ मिल रहा है। समय पर नहीं पहुंचने वाले चिकित्सक भी अब ओपीडी मेें नजर आने लगे हैं।
सरगुजा कलक्टर किरण कौशल के मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों के बीच हड़कंप मच गया। डाक्टरों के अनुपस्थिति पर वे इस कदर भड़कीं कि उन्होंने अधीक्षक एके जायसवाल को दो-टूक कह दिया कि 'इन्हीं कारणों से ऐप की आवश्यकता पड़ी।' डाक्टरों की इसी लापरवाही की वजह से ऐप से उनकी मॉनीटरिंग करनी पड़ रही है।
वे तकरीबन 10 बजे पहुंची थीं और तब भी कई डाक्टर अस्पताल में उन्हें नहीं मिले। डाक्टरों के राउंड में होने की बात कहकर डाक्टर जायसवाल ने नाजुक पड़ती स्थिति को संभाला।
नई सोनोग्राफी मशीन की होगी खरीदी
कलक्टर ने सोनोग्राफी कक्ष का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कलक्टर ने अस्पताल अधीक्षक से जानकारी ली कि रोजाना कितने मरीजों की सोनोग्राफी की जाती है? निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि एक मशीन के भरोसे व्यवस्था में सुधार नहीं लाया जा सकता तो उन्होंने तत्काल नई मशीन खरीदने के निर्देश दिए। कलक्टर ने गर्भवती महिलाओं की परेशानी को देखते हुए गायनो वार्ड में नई मशीन लगाने कहा।
एप से जोड़ा जाएगा डायग्नोस्टिक सेंटर
कलक्टर किरण कौशल ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक एके जायसवाल को निर्देश देते हुए कहा कि सोनोग्राफी सेंटर को भी ऐप से जोड़ा जाए। जिससे प्रतिदिन कितनी सोनोग्राफी हुई इसका पता चल सके। प्रतिदिन सोनोग्राफी रिपोर्ट को ऐप में डाला जाए। वहीं अगर रेडियोलॉजिस्ट कोर्ट की पेशी में जाते हैं तो कोर्ट का ऑर्डर भी एप में डालें।
मरीजों का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान कलक्टर किरण कौशल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड पहुंचीं। इस दौरान वार्ड में भर्ती मरीजों से भी उन्होंने खाने-नाश्ते के संबंध में जानकारी ली। वहीं डॉक्टरों द्वारा राउंड लिया जाता है कि नहीं इस संबंध में भी मरीजों से पूछताछ की गई।
ऐप में किए जाएंगे कई बदलाव
ऐप में अभी भी कुछ कमियां हैं। इन्हें दूर करने के लिए कई बदलाव करने पड़ेंगे। ऐप डेवलपर को मैंने आवश्यक निर्देश दे दिए हैं। यह ऐप सरगुजा के चिकित्सा क्षेत्र में नई क्रांति लाएगा। लापरवाही किसी भी कीमत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐप की लागातार मॉनीटरिंग कर रही हूं।
किरण कौशल, कलक्टर
Published on:
06 Jan 2018 07:31 pm

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