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अंबिकापुर. प्रदेश सरकार के निर्णय के बाद अब लोगों का इलाज राशन कार्ड के आधार पर किया जाना है। इसके बावजूद कोरोना जैसे वैश्विक महामारी के दौरान खाद्य विभाग का पोर्टल बंद हो जाने की वजह से शहर के सैकड़ों लोग आज न तो नए राशन कार्ड बनवा पा रहे हैं और न ही परिवार के अन्य सदस्यों के नाम जुड़वा पा रहे हैं।
इसकी शिकायत सोमवार को खाद्य मंत्री अमरजीत भगत को कलक्टर के माध्यम से भाजपा पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने की। भाजपा पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के नाम कलक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने कहा कि राशन कार्ड गरीब नागरिकों के लिए आजीविका का एक अति आवश्यक साधन है। इसके साथ प्रदेश में यह चिकित्सा का एक बहुमूल्य दस्तावेज है।
शासन द्वारा आयुष्मान योजना व स्मार्ट कार्ड को निरस्त कर दिया गया है। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधा के लिए राशन कार्ड ही सहारा है। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान सरकार की असंवेदनशीलता की वजह से गरीब परिवारों के राशन कार्ड के आवेदन लंबित हो गए हैं।
पिछले 15 दिन से खाद्य मंत्रालय से इसका पोर्टल बंद होने की वजह से राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। यदि इन परिवारों का राशन कार्ड बन जाता है तो इन परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है। शासन द्वारा महज 15 दिन के लिए ही पोर्टल खोला गया था, जो कि बहुत कम समय सीमा थी। इससे गरीब, कमजोर लोग इसका लाभ लेने से वंचित रह गए हैं।
कोरोना संकट में राशन कार्ड ही सहारा
कोरोना संकट के समय राशन कार्ड ही एक महत्वपूर्ण सहारा है। उन्होंने शीर्घ ही पोर्टल खोलकर नवीन राशन कार्ड हेतु लंबित आवेदन एवं नवीन आवेदन लेकर राशन कार्ड शीघ्र बनाकर इस वैश्विक महामारी कोरोना से लडऩे में गरीब और असहाय परिवारों की मदद करने की मांग की है।
Published on:
01 Jun 2020 10:10 pm
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