
Dowry
अंबिकापुर. एक विवाहिता ने ससुराल वालों पर दहेज प्रताडऩा (Dowry pratadna) का आरोप लगाया है। महिला ने पति, सास-ससुर के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने पुलिस को बताया है कि ससुराल वाले मायके से दहेज में 5 लाख रुपए की मांग कर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त करते हैं।
वे कहते हैं कि तुम मनहूस हो, तुम्हारे बहू बनकर आने से हमारा परिवार बर्बाद हो गया। यही नहीं वे 8 दिन तक उपवास रखवाते थे। पुलिस महिला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अंबिकापुर के महामाया रोड निवासी प्रीति गुप्ता की शादी वर्ष 2017 में विशाल नगर ग्रीन वैली तेलीबांधा रायपुर निवासी आशीष पिता शेखर से हुई थी। विवाह के अवसर पर महिला के मायके वालों ने 2 लाख रुपए नकद सहित 8 लाख रुपए का सामान देकर विवाह किया था।
महिला ने पुलिस को बताया कि विवाह के लगभग 2 माह पश्चात् उक्त सभी जेवर मेरी सास प्रीति बाला ने रख लिए। विवाह के चार-पांच माह सब ठीक ठाक था। इस बीच 9 जुलाई 2019 को महिला का पति उसे मायके में छोड़ कर चला गया। कुछ दिन बाद जब महिला वापस गई तो ससुराल वालों ने उसे रखने से मना कर दिया और अपने बेटे की दूसरी शादी कराएंगे, कह कर महिला को घर से धक्के मार कर निकाल दिया।
पीडि़ता ने इसकी शिकायत महिला थाने में दर्ज कराई है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति आशीष, ससुर शशांक शेखर व सास प्रीति बाला के खिलाफ धारा 34 व 498ए के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। (Dowry greedy)
तुम्हारे आने से हमलोग हो गए बर्बाद
महिला ने पुलिस को बताया कि शादी के कुछ दिन बाद मेरे पति की दवा दुकान बंद हो गई तब से मेरे सास-ससुर एवं पति मुझे शारीरिक एवं मानसिक प्रताडऩा देने लगे। मेरे सास ससुर एवं पति मुझे कहने लगे कि तुम मनहूस हो, तुम्हारे आने से हमलोग बर्बाद हो गए।
५ लाख लाओ नहीं तो बेटे की दूसरी शादी करा दूंगी
महिला ने पुलिस को बताया कि सास-ससुर का कहना है कि तुम अपने मायके से पांच लाख रुपए लेकर आओ। मुझे अपने बेटे का नया बिजनेस शुरू कराना है, नहीं तो तुम्हारा तलाक कराकर बेटे की दूसरी शादी करवा देंगे। इसी बात को लेकर मेरे सास-ससुर एवं पति मुझे गाली-गलौज एवं मारपीट करते है।
सात-आठ दिन रखते थे उपवास
महिला ने पुलिस को बताया कि मेरी सास मुझे माह में जबरदस्ती सात-आठ दिन उपवास कराती थी जिससे मैं कमजोर हो गई और बीमार रहने लगी। इसी बीच 14 मई 2019 को मुझे एवं मेरे पति को ससुराल से निकाल कर खुशी वाटिका कॉलोनी के मकान में रहने के लिये भेज दिया। इसी बीच मैं गर्भवती हो गई।
मैंने पति से कई बार डॉक्टर से चेकअप कराने बोला पर वे नहीं ले गये। इस बीच मेरे जिद्द करने पर 20 जून को सक्सेना नर्सिंग होम रायपुर इलाज के लिये ले गये, जहां डॉक्टर ने चेकअप कर बताया कि आप गर्भवती हो किन्तु आप लोगों ने चेकअप कराने में देरी कर दी, बच्चे का हार्ट बीट नहीं बता रहा है। इसके कुछ दिन बाद मेरे पेट में बहुत तेज दर्द हुआ और मेरा गर्भपात हो गया।
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Published on:
07 Jan 2020 08:16 pm
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