
Minor girl dead body found in field
अंबिकापुर. Crime news: मणिपुर चौकी के सामने स्थित खेत में रविवार की सुबह मिली किशोरी की अद्र्धनग्न लाश मिली थी। उसके साथ बलात्कार के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। इधर शव की शिनाख्त हो जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अज्ञात मानकर शव का पीएम (Postmortem) करा दिया गया। इसे लेकर परिजनों में नाराजगी है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से दुखी मृतिका के परिजन ने शुरु में शव लेने से इनकार कर दिया था, अंत में पुलिस द्वारा काफी समझाइश के बाद शव घर ले जाने को तैयार हुए। परिजन का कहना था कि किशोरी की पहचान जब हो गई थी और वे चौकी पहुंच गए थे तब शव को अज्ञात बता कर पीएम क्यों कराया गया। वहीं इस मामले में पुलिस शव से सबूत मिट जाने के कारण पीएम का हवाला दे रही है।
गौरतलब है कि रविवार को मणिपुर चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर एक किशोरी की अर्धनग्न लाश (Half naked body) खेत में मिली थी। सूचना पर एसपी, एएसपी व सीएसपी सहित फॉरेंसिक की टीम ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल की जांच की। शुरूआत में आस-पास के लोगों से शव का शिनाख्त कराया गया पर उसकी पहचान नहीं हो पाई थी।
कुछ देर बाद चेऊरपारा निवासी एक व्यक्ति द्वारा उसकी पहचान की गई। मृतका ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली थी। वह पिछले कुछ दिनों से मणिपुर क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के घर रहकर मजदूरी का काम करती थी। मृतका इसी वर्ष 12वीं पास भी की थी। शव की शिनाख्त होने के बावजूद भी आनन-फानन में पुलिस द्वारा रविवार को ही पीएम करा दिया गया।
जबकि परिजन का कहना है कि जानकारी मिलने के बाद हम लोग दोपहर तीन बजे मणिपुर चौकी पहुंच गए थे। पुलिस द्वारा बताया गया कि शव का पीएम सोमवार को कराया जाएगा। हम लोग चौकी में रात 9 बजे तक थे। इस दौरान पुलिस द्वारा कभी भी नहीं बताया गया कि शव का पीएम हो गया है आप लोग शव लेकर घर जा सकते हैं।
परिजन बोले- पुलिस बता देती तो लाश की नहीं होती दुर्दशा
परिजन का आरोप है कि जब मृतका की पहचान हो चुकी थी तब पुलिस ने अज्ञात बता कर पीएम क्यों करा दिया। अगर पीएम करा भी दिया था तो हम लोगों को क्यों नहीं बताया गया। हालांकि हम लोगों से कई दस्तावेज पर साइन भी कराया गया। इस दौरान भी हम लोगों को नहीं बताया गया कि शव का पीएम हो चुका है।
परिजन का कहना था कि अगर रविवार को शव का पीएम हो ही गया था तो हम लोग शाम तक शव लेकर घर चले जाते और सोमवार की सुबह उसका अंतिम संस्कार (Funeral) कर दिया जाता। लेकिन सोमवार की दोपहर तक शव का दुर्दशा होती रही।
‘साक्ष्य नष्ट हो जाते, इसलिए कराया गया पीएम’
इस संबंध में सीएसपी अखिलेश कौशिक ने कहा कि मृतका के शव का पीएम कराना जरूरी था। अगर दुर्घटना या बीमारी से मौत होने पर शव मिलता तो परिजन के इंतजार में शव को रखा जाता, पर किशोरी की हत्या स्पष्ट है। रही बात उसके साथ ब्लात्कार की तो पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। परिजन के इंतजार में शव को रखे रहते तो बॉडी से साक्ष्य नष्ट हो सकते थे। शव धूप में पड़ा था। खराब होने की ज्यादा संभावना रहती है।
Published on:
24 May 2022 04:57 pm
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