
Ambikapur railway station
अंबिकापुर. दिल्ली तक ट्रेन की मांग चुनावी सरगर्मियों में केवल एक जुमला बनकर रह जाती है। हर नेता बीते लगभग 15 सालों से चुनावी सभाओं में इस ट्रेन को शुरू कराने की ताल ठोंकता है। मांग तो पूरी करा नहीं पाते लेकिन अगले चुनाव प्रचार में फिर इसे ही अपना मुद्दा बनाकर लोगों से अपने पक्ष में वोट की अपील करते हैं।
सरगुजा में बढ़ते व्यापार और शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले बच्चों के भविष्य को देखते हुए दिल्ली तक टे्रन चलाए जाने की मांग सालों से उठ रही है लेकिन अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने संसद में जन भावनाओं पर आधारित इस मांग को प्रमुखता से नहीं रखा है।
नतीजा यह कि लगभग 15 साल बीत जाने के बाद भी यह मांग 'पूर्णता' की बाट जोह रहा है। फिलहाल जिलेवासियों को दिल्ली जाने के लिए अनूपपुर, बिलासपुर, रायपुर, गढ़वा एवं बनारस तक सफर करना पड़ता है। यहां तक पहुंचने में ही लोगों के सात-आठ घंटे बर्बाद हो जाते हैं।
अब तो इंटरसिटी की भी जरूरत
सरगुजावासियों की एक और बड़ी मांग अंबिकापुर से रायपुर तक इंटरसिटी एक्सप्रेस पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस ट्रेन के लिए अंबिकापुर स्टेशन में कुछ अलग से करने की जरूरत नहीं है। वर्तमान सुविधा में ही यह ट्रेन आसानी से चलाई जा सकती है, लेकिन लगातार इस मांग की भी उपेक्षा होती रही है।
जनप्रतिनिधि ठीक से प्रयास करें तो शुरु हो जाएगी ट्रेन
दिल्ली तक टे्रन की आवश्यकता है। हमें व्यापार के लिए अक्सर वहां जाना पड़ता है। ट्रेन की डायरेक्ट कनेक्टिविटी नहीं होने से काफी परेशान होते हैं। जनप्रतिनिधि ठीक से प्रयास कर लें तो ट्रेन जरूर शुरू हो जाएगी।
अतुल सिंह, व्यवसायी
यात्रियों को होगी काफी सुविधा
दिल्ली तक ट्रैन में बोगी जोड़े जाने के लिए काफी दिनों से मांग की जा रही है। इससे दिल्ली की तरफ जाने वालों को काफी सुविधा होगी। लेकिन इस दिशा में न तो भाजपा व कांग्रेस के किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ने अब तक कोई पहल नहीं की है।
वेद प्रकाश अग्रवाल, रेलवे संघर्ष समिति
सरगुजा के प्रमुख मुद्दे
1. बरवाडीह रेल लाइन की मांग हो पूरी
2. अम्बिकापुर से दिल्ली तक एक ट्रेन संचालित की जाए।
3. तारा-उदयपुर-चोटिया रेल लाइन की आवश्यकता।
4. एनएच के सारे काम अधूरे। कई सालों बाद भी अधूरे।
5. अंबिकापुर को स्वच्छता में मिले कई अवार्ड लेकिन नहीं दिला पाए स्मार्ट सिटी का दर्जा। स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाने की मांग।
6. सेंट्रल ट्राइबल सर्किट योजना के तहत डिपाडीह और कुदरगढ़ को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित कराया जाना चाहिए।
7. दरिमा से अब तक नहीं उड़ सकी फ्लाइट। अब तक नहीं मिल पाई है मंजूरी।
8. कोल मंत्रालय में हुई कई शिकायतें लेकिन अब तक एसइसीएल नहीं कर पाया मुआवजे का भुगतान। अटकी हैं कोल खदानों के एक्सटेंशन की फाइल।
9. टूरिज्म को बढ़ावा देने मैनपाट को पर्यटन स्थल के रूप में देश के नक्शे पर व्यापक रूप से लाने की मांग।
10. बलरामपुर व सूरजपुर जिले में बड़े उद्योग लगाने की मांग।
Published on:
04 Apr 2019 02:04 pm
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