
कुदरगढ़ धाम में नए स्वरूप में मां बागेश्वरी के होंगे दर्शन
अंबिकापुर। इस बार चैत्र नवरात्र में सूरजपुर जिले के ओडग़ी विकास खंड के कुदरगढ़ धाम में स्थित माता बागेश्वरी अलग स्वरूप में नजर आएंगी। मंदिर ट्रस्ट दान में मिले आभूषणों से देवी का चेहरा, मुण्ड माला एवं छत्र सोने का बनाने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट द्वारा कुदरगढ़ महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अन्य सुविधाएं भी विकसित गईं हैं।
कुदरगढ़ धाम में चैत्र नवरात्र के दौरान हर साल महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर देवी की विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ ही विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। महोत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ के साथ ही बड़ी संख्या में एमपी, यूपी, बिहार, झारखण्ड के श्रद्धालु देवी का दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं। ट्रस्ट द्वारा मंदिर एवं परिसर की साफ-सफाई व रंग रोगन कर लिया गया है। मंदिर की क्षतिग्रस्त सीढिय़ों की मरम्मत कराने के साथ ही उसकी विशेष सजावट की गई है।
इस बार सीढिय़ों पर अलग-अलग रंग चढ़ाए गए हैं। बीच में एक फीट की सफेद पट्टी की बाई ओर लाल पेंट जबकि दाई ओर पीला पेंट लगाया जा रहा है।
मुख्य द्वार की विशेष सजावट की गई है। बुजुर्ग एवं अस्वस्थ श्रद्धालुओं की पूजा के लिए मुख्य द्वार पर चबूतरे का निर्माण किया गया है। चबूतरे पर देवी के प्रतिकात्मक स्वरूप की स्थापना की जाएगी। पहाड़ी पर चढऩे में अक्षम श्रद्धालु चबूतरे पर स्थापित देवी की पूजा-अर्चना कर सकेंगे। ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों ने दान में मिले आभूषणों से देवी का चेहरा, मुण्ड माल एवं छत्र सोने का बनवाने का निर्णय लिया।
मां बागेश्वरी देवी लोकन्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष भुवन भास्कर सिंह ने बताया कि बागेश्वरी देवी धाम में कुदरगढ़ महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मंदिर एवं परिसर की साज सज्जा कराने के साथ ही श्रद्धालुओं को सुविधा के लिए जगह-जगह निर्माण कार्य कराए गए हैं। इस बार देवी प्रतिमा की विशेष सजावट की गई है।
तीन प्रतीक्षालयों में श्रद्धालु कर सकेंगे विश्राम
अब कुदरगढ़ महोत्सव के साथ ही अन्य अवसरों पर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ट्रस्ट द्वारा रात्रि विश्राम को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में धाम परिसर में सर्व सुविधायुक्त विशाल धर्मशाला बनाने की भी योजना है। फिलहाल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण कराया जा रहा है। लगभग 1200 वर्ग फीट के तीन प्रतीक्षालयों में 150 से अधिक श्रद्धालु विश्राम कर सकेंगे। धाम परिसर में रात्रि विश्राम की व्यवस्था नहीं होने के कारण दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
झरने के समीप नहीं ले सकेंगे सेल्फी
पहाड़ी पर स्थित देवी मंदिर तक पहुंचने श्रद्धालुओं को 901 सीढिय़ों की चढ़ाई करनी पड़ती है। चढ़ाई के बीच में सीढिय़ों के पास ही प्राकृतिक झरना का पानी गिरता है। इस स्थल को सुरजधारा कहा जाता है। जिस जगह झरने का पानी गिरता है वह काफी मनोरम तथा खतरनाक है। श्रद्धालु सेल्फी लेने झरने के निकट तक पहुंच जाते हैं। दुर्घटना को देखते हुए ट्रस्ट द्वारा सुरजधारा की स्थाई बेरिकेटिंग कराई जा रही है ताकि कोई भी झरने के निकट न पहुंचे सके।
जगह-जगह पानी टंकी एवं नल की व्यवस्था
गर्मी के मौसम में धाम आने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल समस्या न हो इसके लिए मेला परिसर में जगह.जगह पानी टंकी एवं नल की व्यवस्था की गई है। टंकी के माध्यम से 24 घंटे पेयजल की आपूर्ति करने की व्यवस्था की गई है, श्रद्धालुओं को महोत्सव के दौरान कोई असुविधा न हो इसके लिए ट्रस्ट द्वारा पार्किंग, सुरक्षा, पहाड़ पर शेड निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाएं की गईं हैं।
Published on:
21 Mar 2023 07:57 pm
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