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प्रधान आरक्षक के बेटे ने आरओ की सर्विंसिंग के लिए किया फोन, कुछ देर में पिता के खाते से कटे 1.13 लाख रुपए

Online swindle: दिनोंदिन बढ़ते ही जा रहे ऑनलाइन ठगी के मामले, इस बार सीआईएसएफ के प्रधान आरक्षक का पुत्र बना शिकार

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प्रधान आरक्षक के बेटे ने आरओ की सर्विंसिंग के लिए किया फोन, कुछ देर में पिता के खाते से कटे 1.13 लाख रुपए

Online swindle

अंबिकापुर. जिले में ऑनलाइन ठगी (Online swindle) का मामला बढ़ता जा रहा है। कुछ दिनों से हर दिन एक न एक मामले सामने आ रहे है। ठगी करने वाले लोग अलग-अलग ट्रिक अपना रहे हैं और अपने झांसे में लेकर लोगों को लाखों का चपत लगा रहे हैं। जालसाजों ने इस बार सीआईएसएफ के प्रधान आरक्षक को अपना निशाना बनाया है।

आरओ सर्विस के लिए शिकायत डालने के नाम पर प्रधान आरक्षक के खाते से 1 लाख 13 हजार रुपए का आहरण कर लिया गया है। प्रधान आरक्षक राउरकेला ओडिशा में पदस्थ है। वह फिलहाल छुट्टी में अंबिकापुर अपने घर आया था। उसने मामले की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ 420 का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जानकारी के अनुसार 46 वर्षीय मनोज कुमार सोनकर शहर के नमनाकला का निवासी है। वह राउरकेला ओडिशा में सीआईएसएफ यूनिट में आरएसपी में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ है। वह कुछ दिनों से छुट्टी पर अपने घर आया हुआ है। इस दौरान घर में लगे केंट कंपनी का आरओ खराब हो गया था।

15 मई को प्रधान आरक्षक के पुत्र निखिल सोनकर ने गुगल पर सर्विस सेंटर का नंबर सर्च किया। यहां केंट आरओ का सर्विस सेंटर का नंबर मिला। निखिल ने आरओ सर्विसिंग के लिए उक्त नंबर पर मैसेज किया।

इसके बाद उसी नंबर से अज्ञात व्यक्ति ने केंट आरओ का अधिकारी बताते हुए फोन किया और बोला कि एक लिंक भेज रहा हंू उस पर अपना नाम व मोबाइल नंबर अंकित करे दें और मेरे द्वारा भेजे गए यूआईडी पर नौ रुपए डाल दें। प्रधान आरक्षक के पुत्र ने उक्त लिंक पर अपना नाम व मोबाइल नंबर अंकित कर दिया। (Online swindle)


एक घंटे बाद फिर किया फोन
प्रधान आरक्षक के पुत्र द्वारा भेजे गए लिंक पर नाम व नंबर अंकित करने के एक घंटे बाद फिर फोन आया और बोला गया कि एक ओटीपी नंबर भेज रहा हूं, उसे बताओ।

प्रधान आरक्षक का पुत्र उसके झांसे में आ गया और ओटीपी नंबर बता दिया। इसके बाद प्रधान आरक्षक के एसबीआई खाते से दो बार में 13 हजार 70 रुपए कट गए। मैसेज आने पर प्रधान आरक्षक ने इसकी शिकायत राउरकेला एसबीआई शाखा में की।


अगले दिन कई किश्तों में कटे 1 लाख
15 मई को 13 हजार 70 रुपए कटने के बाद दूसरे दिन 16 मई को बिना ओटीपी नंबर भेजे ही प्रधान आरक्षक के खाते से कई बार में 1 लाख रुपए कट गया। मैसेज द्वारा इसकी जानकारी प्रधान आरक्षक को लगी। इसके बाद उसने तत्काल शेष बचे रुपयों को ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया।

कुल 1 लाख 13 हजार 70 रुपए की धोखाधड़ी होने की शिकायत प्रधान आरक्षक ने कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 420 व 66डी के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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