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कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ने दी चेतावनी, कहा- केंद्र सरकार चावल नहीं लेगी तो उनके सांसद-मंत्रियों को छत्तीसगढ़ में नहीं करने देंगे प्रवेश

Paddy politics: धान खरीदी पर छत्तीसगढ सरकार व केंद्र सरकार में मचा घमासान, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव भक्त चरणदास ने पत्रकारों से की चर्चा

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कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ने दी चेतावनी, कहा- केंद्र सरकार चावल नहीं लेगी तो उनके सांसद-मंत्रियों को छत्तीसगढ़ में नहीं करने देंगे प्रवेश

Press Conference

अंबिकापुर. गांधी जी की 150वीं जयंती पर राज्य की सरकार (Chhattisgarh Government) ने उनके सिद्धांतों पर चलते हुए शांतिपूर्वक किसानों के हित में आंदोलन करने का निर्णय लिया है। 13 नवम्बर को कांग्रेस शासित सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री व मंत्री कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 15 नवम्बर को दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

केंद्र सरकार को राज्य सरकार की बात माननी होगी, नहीं तो राज्य की जनता उनके खिलाफ खड़ी हो जाएगी। प्रदेश में केंद्र सरकार के सांसदों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उक्त बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव भक्त चरण दास ने कही।


सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव भक्त चरण दास ने कहा कि आज देश में भय की स्थिति है। देश में बेरोजगारी चरम पर है। देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है। भारत की आर्थिक स्थिति प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय विश्व में 5 वें नम्बर पर थी, जो आज 7 वें नम्बर पर है।

भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में प्रति वर्ष 2 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने की घोषणा की थी। इसकी वजह से नौजवानों ने अंध-भक्त की तरह तात्कालीन सरकार को वोट दिया, लेकिन युवाओं को रोजगार देने की बजाय अब नये-नये मुद्दे लाकर सभी को भटकाया जा रहा है।

धान खरीदी को लेकर अलग-अलग व्यवस्था नहीं चलेगी। डॉ. रमन सिंह ने जब बोनस बांटा तो उनका चावल केंद्र सरकार ने खरीदा, लेकिन इसी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश और राज्य की जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।


प्रदेश सरकार किसानों के साथ
धान खरीदी की मांग को लेकर प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदे जानेे की मांग को लेकर कांग्रेस शांतिपूर्वक आंदोलन शुरू करने जा रही है। वर्तमान में किसानों से हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। 13 नवम्बर को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।


सरकार को लेना होगा चावल
केंद्र सरकार को 13 नवम्बर के पूर्व ही चावल लेने का निर्णय लेना होगा। इस संबंध में केंद्र सरकार को बड़े भाई की भूमिका निभानी होगी। केंद्र सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किसानों के हित की बात की थी। भाजपा शासित प्रदेशों में किसानों की स्थिति खराब है, उन्हें बोनस नहीं दिया जा रहा है। जहां बोनस दिया भी जा रहा है वह काफी कम है। ऐसे में उन्हें निर्णय लेना है कि वे किसानों के हित में सोचते हैं या नहीं।


प्रदेश अध्यक्ष का किया बचाव
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के दिए गए बयान कि 'केंद्र सरकार अगर चावल खरीदने का निर्णय नहीं लेती है तो आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी' पर पूछे गए सवाल पर भक्त चरण दास ने बचाव करते हुए कहा कि संघीय ढांचे पर हमला नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ भी देश का अंग है।


पंगा मत ले केंद्र सरकार
जहां प्रधानमंत्री ने बड़े-बड़े उद्योगपतियों के 3.50 लाख करोड़ रुपए माफ कर दिए, वहां किसानों का कर्ज माफ नहीं कर रहे हैं। केंद्र सरकार पंगा मत ले। नहीं तो राज्य की जनता सरकार के साथ खड़ी हो जाएगी और उनके सांसद व मंत्रियों को राज्य में प्रवेश नहीं करने देंगे।


अंधे की तरह गुमराह हो रही है जनता
भक्त चरण दास ने कहा कि आज सच्चे राष्ट्रभक्त की बातें नरेन्द्र मोदी करते हैं, आजादी के समय भाजपा की राष्ट्रभक्ति कहां थी? आज जनता उनकी बात सुनकर उन्हें सच्चा राष्ट्रभक्त मान रही है और भूखे पेट रहकर अंधे भक्त की तरह उनका पालन कर रही है। किसी भी सरकार का घोषणा पत्र उसका अपना चेहरा होता है।

नरेन्द्र मोदी मेरी सरकार, तेरी सरकार छोड़कर राज्य हित में काम करें। किसी भी प्रदेश का मुख्यमंत्री किसी पार्टी का नहीं होता है, वह मुख्यमंत्री होता है।

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