
TS cleaned Bank river
अंबिकापुर. ग्लोबल वार्मिंग व पेड़ों की कटाई के कारण नदियां अपने अस्तित्व खोती जा रहीं हैं। शहर की एकमात्र बांक नदी को संरक्षित करने के लिए रविवार की सुबह जनप्रतिनिधि, विभिन्न संगठन व कलक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। हाथों में फावड़ा व तगाड़ी लेकर लगभग 1 घंटे तक सभी ने श्रमदान कर पसीना बहाया और बांक नदी की सफाई की। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने बांक नदी के बचाने हेतु ३ लाख रुपए विधायक मद से दिए जाने की घोषणा की।
पत्रिका के अमृतम-जलम् अभियान के तहत नदियों, तालाबों तथा अन्य जलस्रोतों को बचाने मुहिम चलाई जा रही है। इसके तहत ऐसे जलस्रोतों का संरक्षण किया जा रहा है जो साफ-सफाई के अभाव में अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। वर्षा जल संग्रहण एवं प्रकृति संरक्षण के जज्बे को लेकर नेता प्रतिपक्ष, कलक्टर, एसपी, आयुक्त, पार्षद सहित अन्य लोगों ने रविवार की सुबह शंकरघाट स्थित बांक नदी की साफ-सफाई की। करीब 1 घंटे से भी अधिक समय तक श्रमदान कर सभी ने पसीना बहाया।
इसके बाद मानव श्रृंखला बनाकर सभी ने नदी में जम चुकी मिट्टी, बालू व गिट्टी को खोदकर बाहर निकाला। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी, एमआईसी सदस्य व पार्षद विजय सोनी, कलक्टर किरण कौशल, एसपी सदानंद कुमार, निगम आयुक्त सूर्यकिरण तिवारी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंबिकेश केशरी सहित अन्य लोगों ने गैंती-फावड़ा चलाकर बांक नदी की सफाई की।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि पत्रिका हमेशा से ही सामाजिक सरोकार के कामों में आगे रहा है। पत्रिका ने हमेशा लोगों को जोडऩे का काम किया है। प्रकृति को बचाने के लिए जलस्रोतों का रख-रखाव आवश्यक है।
नेता प्रतिपक्ष ने दिए ३ लाख रुपए
बांक नदी की गंदगी का मुख्य कारण घरों में पूजा के बाद लोगों द्वारा पूजन-सामग्री का विसर्जित किया जाना है। साफ-सफाई नहीं होने के कारण यह नदी अपना अस्तित्व खोती जा रही है। कचरा फेंकने से रोकने पर वहां के लोगों द्वारा धमकाया जाता है। इसे रोकने के लिए नेता प्रतिपक्ष ने विधायक मद से ३ लाख रुपए देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सड़क की तरफ से जाली लगवाकर कचरा फेंकने से लोगों को रोका जा सकता है। इसके साथ ही जाली कुछ दूर तक ऊपर की ओर नदी की तरफ लगा दी जाए तो जो भी कचरा नदी में फेंकेगा वह जाल में ही गिरेगा। इसपर सभी ने हर्ष व्यक्त की और कलक्टर व आयुक्त ने इसके लिए उनका आभार भी जताया।
डीएमएफ मद से नदी संरक्षित करने हो प्रयास
भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि बांक नदी शहर की एकमात्र नदी है। इसके प्रति लोगों की श्रद्धा भी है। साथ ही छठ जैसे महत्वपूर्ण आयोजन यहां होते हैं लेकिन बिना किसी आयोजन के यहां पहुंचने पर इसकी हकीकत पता चली।
उन्होंने कलक्टर व निगम आयुक्त से निवेदन किया कि इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए और अगर हो सके तो डीएमएफ मद से इसे संरक्षित करने के लिए प्रस्ताव भी बनाया जाए, साथ ही एक स्टाप डेम भी बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव अगर जल्द बन जाएगा तो वो खुद ही प्रयास करेंगे कि विकास यात्रा के दौरान उसे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से स्वीकृति मिल जाए।
मुक्तिधाम के समीप लगेगा बेरिकेट्स
बांक नदी के किनारे मुक्ति धाम स्थित है। यहां आए दिन भारी वाहन धोए जाते हैं। इसे लेकर सभी ने चिंता जताई। कलक्टर किरण कौशल ने इसपर वहां बड़ा पुल बनाए जाने की जरूरत बताई। उसके पूर्व यहां वाहनों को धोने से रोकने के लिए एमआईसी सदस्य व मां महामाया छठ सेवा समिति के अध्यक्ष विजय सोनी ने वहां बेरिकेट्स लगाने की बात कही।
कलक्टर की अनुमति के बाद उन्होंने तत्काल वहां पर लोहे के बड़े-बड़े पोल लगाने की घोषणा की। इससे कुछ हद तक वाहनों की धुलाई रोककर नदी को बचाया जा सकेगा।
प्रशासन करेगा हरसंभव सहयोग
निदान सेवा समिति द्वारा बांक नदी की साफ-सफाई के बाद उसके दोनों तरफ पौधरोपण किए जाने की घोषणा अधिकारियों के सामने की गई। इसपर कलक्टर किरण कौशल ने कहा कि हरियाली के लिए प्रशासन द्वारा भी हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने निगम आयुक्त को भी कहा कि निगम क्षेत्र के अंतर्गत बांक नदी का जितना क्षेत्र आता है, उसके साफ-सफाई के साथ ही पौधरोपण किए जाने की व्यवस्था की जाए।
बांक की स्थिति देख सभी थे चिंतित
बांक नदी आज पूरी तरह से अपना अस्तित्व खोती जा रही है। रविवार की सुबह जो भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी वहां पहुंच रहे थे वे बांक नदी को देख एक बार अपनी चिंता जरूर कर रहे थे। पूरी तरह से नाले का स्वरूप ले चुकी नदी को बचाने के लिए सभी ने संकल्प लिया।
इन्होंने भी किया श्रमदान
पत्रिका के इस आयोजन में कांग्रेस जिला महामंत्री राकेश गुप्ता पार्षद मधुसूदन शुक्ला, विकास वर्मा, निरंजन राय, संतोष दास, विनोद हर्ष, नया सवेरा के आकाश गुप्ता, राकेश अग्रवाल, क्रियेशन ग्रुप के अख्तर हुसैन, जयेश वर्मा, हिमांशु जायसवाल, निदान सेवा समिति के अध्यक्ष निशांत गुप्ता व अन्य लोगों ने श्रमदान किया।
लोगों के श्रमदान के बाद पत्रिका द्वारा पूरी नदी की सफाई नगर निगम के सहयोग से जेसीबी लगाकर कराई गई। इसके साथ ही वहां से निकले मलबे को भी ट्रैक्टर में भरवाकर गड्ढे में डलवाया गया।
Published on:
13 May 2018 08:48 pm

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