
शक्ति की भक्ति के लिए देवी मंदिरों में तैयारियां, पूजा के लिए उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
अंबिकापुर। नगर के वार्ड क्रमांक 9 में स्थित जिले के प्रमुख देवी धामों में एक मां महामाया मंदिर में चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालुओं के उमडऩे वाले जनसैलाब के मद्देनजर तैयारियां प्रारंभ कर दी गईं हंै। वहीं नगर के वार्ड क्रमांक 14 में स्थित पहाड़ी माई मंदिर में भी काफी संख्या में श्रद्धालुओं पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। यहां भी तैयारियां जोर शोर से की जा रहीं हैं।
गौरतलब है कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रमुख देवी स्थलों में एक मां महामाया मंदिर में दशकों से शारदीय नवरात्रि एवं चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। यहां पूजा अर्चना करने वाले छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों के साथ झारखंड से भी काफी संख्या में श्रद्धालु यहां माथा टेकने पहुंचते हैं। मां महामाया मंदिर विगत 85 वर्षों से अपने प्राचीन स्वरूप में था परंतु कालांतर में गुंबज निर्माण एवं मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य नगर अध्यक्ष रमन अग्रवाल द्वारा कराया गया। वही पहाड़ी माई मंदिर में पहुंच मार्ग का निर्माण व पहाड़ी मंदिर में शेड का भी निर्माण नगर अध्यक्ष रमन अग्रवाल के प्रयासों से हो सका।
1934 में हुआ था मंदिर का निर्माण
नगर के वार्ड क्रमांक 9 में कन्हर नदी के तट पर 1934 में सरगुजा स्टेट के महाराजा रामानुजशरण सिंह देव द्वारा मंदिर का निर्माण कराया गया था। वहीं 1938 में देवी प्रतिमा की स्थापना धूमधाम से की गई थी। मंदिर के पहले पुजारी आरा जिला के चंद्रदीप तिवारी थे। इसके बाद उनके पुत्र सोना तिवारी द्वारा यहां पूजा-अर्चना कराई जाती थी। मंदिर के पुराने पुजारियों में स्वर्गीय केदार नाथ पांडे थे। वहीं वर्तमान में उनके पुत्र नंदलाल पांडे द्वारा पूजा-अर्चना कराई जाती है।
मन्नत मांगने दूर-दूर से आते हैं लोग
मां महामाया मंदिर में भक्तों की मान्यता है कि यहां जो भी मन्नत मांगी जाती है, वह जरूर पूरी होती है। यहा मन्नत पूरी होने के बाद काफी दूर-दूर से लोग पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। मंदिर के पुजारी नंदलाल पांडे बताते हैं कि मन्नत पूरा होने पर यहां कोलकाता, रांची, दिल्ली, पटना सहित अन्य शहरों से भी लोग वर्षभर आते रहते हैं।
सात पहाडिय़ों की श्रृंखला के बीच पहाड़ी माई मंदिर
नगर के वार्ड क्रमांक 14 में सात पहाडिय़ों की अद्भुत श्रृंखला के बीच श्रीमाल केतु पर्वत पर वैष्णो माता धाम स्थित है। साथ ही यहां हनुमान, भगवान शिव और शीतला माता की मूर्ति स्थापित है। मंदिर के मुख्य पुजारी पवन पांडे ने बताया कि वर्ष भर यहां श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते हैं। वहीं शारदीय नवरात्रि एवं चैत्र नवरात्रि में तो पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लग जाता है। श्रद्धालु यहां जो भी मन्नत मांगते हैं, वह पूरी होती ह। श्रद्धालुओं द्वारा मन्नत पूरी करने के लिए चुनरी, नारियल बांधा जाता है।
Published on:
18 Mar 2023 06:26 pm
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