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करोड़ों की कमाई वाले प्राइवेट स्कूल मांग रहे टैक्स में छूट, ऑडिट रिपोर्ट की जगह दी भू-लगान की रसीद

निगम ने शहर में संचालित 128 निजी संस्थानों से मांगी थी ऑडिट रिपोर्ट, मात्र 9 ने किया जमा वह भी मात्र औपचारिकता के लिए

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Nagar Nigam Ambikapur

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अंबिकापुर. अंबिकापुर शहर में ऐसे 128 निजी संस्थान संचालित किए जा रहे हैं जो किसी न किसी प्रकार से सरकार से सम्पति कर में छूट की मांग करते आ रहे हैं। निगम द्वारा ऐसे सभी स्कूलों व संस्थानों को काफी पूर्व नोटिस जारी कर ऑडिट रिपोर्ट मांगी गई थी। लेकिन अब तक महज 9 ही संस्थानों ने नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया है। इसमें से 8 ने जो जवाब पेश किया है।

वह महज औपचारिकता है। गौरतलब है कि शहर में ऐसे कई स्कूल हैं जो करोड़ों रुपए सालाना कमाई करते हैं लेकिन संपत्ति कर में छूट चाहते हैं।


निगम क्षेत्र में संचालित ऐसे निजी संस्थान जो शासकीय नियमों के तहत छूट के दायरे में आते हैं, उसे लेकर सामान्य सभा की बैठक में काफी दिनों से सवाल उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में निगम द्वारा ऐसे सभी संस्थान जो चेरिटेबल कार्य करने की बात कर सम्पत्ति कर में छूट लेने का दावा करते हंै, उन्हें नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में जवाब मांगा गया था।

लेकिन अभी तक महज 9 संस्थानों ने ही जवाब पेश किया है। लेकिन एक संस्थान को छोड़कर किसी भी संस्थान ने सीए का ऑडिट रिपोर्ट पेश नहीं की है।


किसी ने पेश की पर्यावरण की तो किसी ने भू-लगान की रसीद
निगम में 9 संस्थानों ने जवाब पेश किया है। इसमें से 8 संस्थान जिसमें ख्रिस्थमिलन आश्रम, संत जोसेफ, उर्सुलाइन, होली क्रॉस अस्पताल, होली क्रॉस स्कूल, सेंट मेरी स्कूल, सेंट जेवियर्स व अंबिका मिशन ने जो जवाब पेश किए हैं।

उनके द्वारा सीए की ऑडिट रिपोर्ट पेश नहीं की गई है। महज औपचारिकता निभाते हुए समेकित कर, भू-लगान की रसीद व पर्यावरण कर भुगतान करने की रशीद प्रस्तुत की गई है। सिर्फ कॉर्मेल स्कूल द्वारा ऑडिट रिपोर्ट पेश की गई है।


करोड़ों की कमाई फिर भी चाहिए छूट
कानून में जो प्रावधान दिए गए हैं उसके अनुसार चेरिटेबल कार्य करने वाले संस्थानों को ही छूट प्रदान करने की बात कही गई है। लेकिन जो ऑडिट रिपोर्ट एक संस्थान ने पेश किया है, उसके अनुसार स्कूल की आय सालाना १ करोड़ से अधिक की है। इसके बावजूद शासन के प्रावधानों का लाभ लेकर संस्थान सम्पति कर में छूट मांग रहे हैं।

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