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नेशनल स्क्रीनिंग कमेटी के सामने कांग्रेसियों ने अपने ही इन विधायकों का किया विरोध, फैसला करेंगे राहुल गांधी

कांग्रेस की राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कमेटी की 2 सदस्यीय टीम टटोलने पहुंची थी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का मन

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National screaning committee

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अंबिकापुर. कांग्रेस की राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कमेटी की २ सदस्यीय टीम बुधवार को सरगुजा जिले के तीनों विधानसभा सीट के लिए कार्यकर्ताओं, बूथ लेबल के पदाधिकारियों व जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों से रायशुमारी करने पहुंची। स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों के सामने लुण्ड्रा विधायक चिंतामणी महाराज की दावेदारी का कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने खुलकर विरोध किया।

सीतापुर क्षेत्र से १४ उम्मीदवारों के नाम प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि लुण्ड्रा विधानसभा से 18 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है। वहीं अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र से नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के अलावा किसी ने भी दावेदारी पेश नहीं की है।


जिला कांग्रेस कार्यालय कोठीघर में बुधवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कमेटी की टीम पहुंची हुई थी। इसकी जानकारी जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा सभी बूथ के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को पूर्व से दे दी गई थी। इसकी वजह से सुबह से ही स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों के सामने अपनी दावेदारी पेश करने के लिए कोठीघर में समर्थनों के साथ पहुंचने का दौर जारी था।

बंद कमरे में स्क्रीनिंग कमेटी के राष्ट्रीय टीम के सदस्य अश्वनी कोटवाल व अरुण उरांव ने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मिलकर सभी उम्मीदवारों के बारे में जानकारी ली।


स्क्रीनिंग कमेटी के दोनों सदस्यों ने सबसे पहले लुण्ड्रा विधानसभा के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। वर्तमान विधायक चिंतामणी महाराज की उम्मीदवारी को सभी तय मान रहे थे लेकिन सबसे अधिक विरोध उनका ही कार्यकर्ताओं ने किया। चिंतामणी महाराज के अलावा अन्य उम्मीदवार पर विचार करने की बात कही गई।

सभी के बातें सुनने के बाद सदस्यों ने इसकी जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को दिए जाने की बात कही। स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों ने कहा कि अंतिम निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेना है। अंबिकापुर से नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के नाम के अलावा किसी अन्य का नाम नहीं आने की वजह से उनका टिकट लगभग तय माना जा रहा है।

अमरजीत के खिलाफ दिखे कार्यकर्ता
सीतापुर विधायक अमरजीत भगत की उम्मीदवारी तय मानी जा रही है लेकिन उनके खिलाफ भी १४ उम्मीदवारों ने चुनाव लडऩे का दावा किया है। अमरजीत भगत के अलावा सभी दावेदारों ने अनिल निराला के नाम का समर्थन करते हुए विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिए जाने की मांग की।


लुण्ड्रा की तासीर नहीं पुन: विधायक चुना जाना
वर्तमान विधायक चिंतामणी महाराज का विरोध करते हुए कार्यकर्ताओं ने स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों को कहा कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र की तासीर ऐसी नहीं है कि वहां किसी भी विधायक ने रिपीट किया हो। इसलिए कांग्रेस उम्मीदवार बदला जाना चाहिए। इसके साथ ही पूर्व विधायक रामदेव राम ने भी अपनी दावेदारी पेश की।


जीतने वाले उम्मीदवार को ही प्राथमिकता
पत्रकारों से चर्चा करते हुए स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य अश्वनी कोटवाल व प्रदेश प्रभारी अरुण उरांव ने कहा कि कांग्रेस को गुजरात व पंजाब चुनाव के दौरान पहले उम्मीदवारों के नामों के घोषणा किए जाने से काफी सकारात्मक परिणाम मिले। उसी अनुभव के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस द्वारा जल्द ही उम्मीदवारों के घोषणा किए जाने की उम्मीद जताई है।

उन्होंने कहा कि जीतने वाले दावेदारों को टिकट देने के लिए सारी कवायदें की जा रही है। दावेदारों को टिकट के लिए आवेदन करना होगा। जो भी आवेदन आए हैं उनपर ही विचार किया जाएगा। फिर भी ऐसा कोई कार्यकर्ता जो आवेदन किसी कारण से नहीं कर का है। उस पर भी विचार किया जाएगा। इस संबंध में ब्लॉक प्रभारी, बूथ प्रभारी व कार्यकर्ताओं से चर्चा की जा रही है।

अरुण उरांव ने कहा कि जो भी विधायक पिछले 5 वर्ष से हैं उनके खिलाफ कुछ न कुछ एंटी इनकंबेसी होती है। उसका लेबल देखना होता है। कांग्रेस में उम्मीदवारी की संख्या काफी अधिक होने पर किसी एक प्रत्याशी को टिकट मिलने पर शेष सभी के नाराज होने पर उन्होंने कहा कि इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।