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Video story; अधूरे एनएच-४३ पर आए दिन हो रहे हैं हादसे, जिम्मेदार बेपरवाह

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर अंबिकापुर-पत्थलगांव सडक़ निर्माण अब तक अधूरा पड़ा है। इसकी वजह से क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही क्षेत्र के ग्रामीण जनों पर भारी पड़ रही है।

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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर अंबिकापुर-पत्थलगांव सडक़ निर्माण अब तक अधूरा पड़ा है। इसकी वजह से क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही क्षेत्र के ग्रामीण जनों पर भारी पड़ रही है।

अधूरे निर्माण व बिना सांकेतिक चिन्ह के सडक़ पर रखे मिट्टी के ढेर, और निर्माण पूर्ण करने के बाद महीनों भर से सडक़ में रखी निर्माण सामग्री को नहीं हटाना ठेकेदार की हठधर्मिता है। इसके परिणाम स्वरूप हर रोज बाइक सवार से लेकर कार तक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

ऐसे ही मामले में कार सवार लोग दुर्घटना का शिकार हो गए। बीते मंगलवार की रात सीतापुर की ओर से एक कार में सवार रायपुर निवासी हरबन सिंह अपने साथी के साथ अंबिकापुर की ओर जा रहे थे। तभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगारी पेट्रोल पंप के समीप अधूरे पुल निर्माण में मिट्टी के ढेर से टकराकर कार 10 मीटर दूर सडक़ पर दो बार पलटी, कार के चारों चक्के ऊपर हो गए।

इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना 112 को दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाल डायल 112 के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ केंद्र बतौली ले जाया गया। यहां हरबन सिंह की गंभीर स्थिति होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया।


अनजान राहगीरों के लिए खतरे भरा सफर
ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अनजान राहगीरों के लिए मौत की सडक़ है। अंबिकापुर से पत्थलगांव की दूरी तय करने में अधूरे निर्माण की जानकारी नहीं रखने के कारण, सांकेतिक चिन्ह के अभाव और सडक़ पर पड़े मिट्टी के ढेर सहित नव निर्मित सडक़ में बेलकोटा, सिलसिला, बतौली मुख्य सडक़ में घटिया निर्माण के कारण हुए गड्ढे हमेशा हादसे को न्योता देते हैं।