
Thief in police custody
अंबिकापुर. कुंडला सिटी में व्यवसायी के सूने मकान में हुए लाखों की चोरी के मामले में पुलिस ने उसके छोटे भाई के साले सहित एक सराफा व्यवसायी को शहडोल से गिरफ्तार किया है। पूरे मामले का खुलासा घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को देखने के बाद हुआ। आरोपी व्यवसायी के परिवार को शहडोल से ट्रे्रन में बैठाकर घटना को अंजाम देने के लिए अंबिकापुर वापस लौट गया था।
गौरतलब है कि रविवार को कुंडला सिटी के बीडब्ल्यू-६ में रहने वाले सुरेन्द्र डागा ने कोतवाली थाना में अज्ञात के खिलाफ जुर्म दर्ज कराई थी कि वे २७ फरवरी की रात उज्जैन अपने गुरु के दर्शन के लिए गए थे। 3 मार्च को जब वे उज्जैन से वापस लौटे तो घर में नगदी सहित ५ लाख रुपए के स्वर्ण व चांदी के आभूषण भी चोरी हो गई थी।
मामले की गम्भीरता को देखते हुए एसपी सदानंद कुमार के निर्देश पर एडिशनल एसपी रामकृष्ण साहू व सीएसपी आरएन यादव के मार्गदर्शन में चोरी के आरोपियों के धर-पकड़ हेतु क्राइम ब्रांच, साइबर सेल व कोतवाली पुलिस को लगाया गया। क्राइम ब्रांच व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने चोरों की पतासाजी हेतु घटना स्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास लगे सीसीटीवी को खंगालने के साथ ही मकान के अंदर में लगे सीसीटीवी के फुटेज को भी खंगाला।
कुंडला सिटी में लगे सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से देखने पर पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने फुटेज दिखाकर सुरेन्द्र डागा व उसके परिवार के लोगों से पूछताछ की तो पता चला वह उसके छोटे भाई का साला शुभम केशरवानी है जो शहडोल में रहता है। इसकी जानकारी कोतवाली टीआई व क्राइम ब्रांच द्वारा एसपी को दी गई।
एसपी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच व कोतवाली की संयुक्त टीम शहडोल के लिए रवाना हुई। शहडोल में रेलवे स्टेशन के समीप शुभम केशरवानी अपनी बहन के घर में था। पुलिस ने वहां घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया। चोरी किए गए आभूषण के संबंध में जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अपने परिचित शहडोल के सराफा व्यवसायी जयप्रकाश सोनी के पास रखवाया है।
उसे बेचने के लिए बात भी की है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर सराफा व्यवसायी जयप्रकाश सोनी को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से सोने की चेन 3 नग, अंगुठी 3 नग, कान का टॉप 3 नग, सोने का लॉकेट-2 नग, सोने की नाक की फुल्ली 3 नग, चांदी की पायल 3 नग, चांदी का छोटा सिक्का 45 नग, बड़ा सिक्का 3 नग सहित गिरफ्तार किया।
कार्रवाई में कोतवाली टीआई विनय सिंह बघेल, क्राइम बांच प्रभारी भूपेश सिंह, एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक रामअवध सिंह, आरक्षक राकेश शर्मा, जयदीप सिंह, भोजराज पासवान, अमित विश्वकर्मा, राकेश शर्मा, बृजेश राय, जितेश साहू, नितिन सिन्हा, साइबर सेल से एसआई मनीष यादव, प्रधान आरक्षक धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, आरक्षक विरेन्द्र पैकरा, मनीष यादव, विवेक राय, अनुज जायसवाल व स्मिता रागिनी सक्रिय थे।
जुए की लत व कर्ज के कारण की चोरी
आरोपी शुभम उर्फ लाला केशरवानी पिता स्व. राम दास गुप्ता 22 वर्ष कम उम्र में ही जुआ खेलने का शौकिन हो गया था। इसकी वजह से वह कई लोगों का कर्जदार भी हो गया था। पुलिस को उसने पूछताछ में बताया कि उसके ऊपर लगभग 50 हजार रुपए का कर्ज हो गया था, इसकी वजह से उसने चोरी करने का मन बना लिया था। 27 फरवरी को जब सुरेन्द्र डागा का पूरा परिवार उज्जैन जा रहा था। वह दोपहर में शहडोल से बिलासपुर-इन्दौर ट्रेन में बैठाकर दूसरे दिन सुबह जबलपुर ट्रेन से वह अंबिकापुर पहुंच गया।
हमेशा वह सुरेन्द्र डागा के घर आते-जाते रहता था। इसकी वजह से आसपास के किसी को उसपर शक नहीं हुआ। ऐसे में वह बड़े आराम से वारदात को अंजाम देकर १ मार्च की सुबह जबलपुर वाली ट्रेन से वापस शहडोल लौट गया।
शहडोल से ट्रेन में चढ़ाया था आरोपी ने
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उज्जैन जाते समय भी वह शहडोल में डागा परिवार के सदस्यों को ट्रेन में चढ़ाया था। इसके बाद जब ३ मार्च को परिवार वापस लौट रहा था तब भी वह शहडोल ट्रेन से उतारकर उन्हें अंबिकापुर ट्रेन में चढ़ाकर वापस भेजा था। उसने वारदात को अंजाम देने के दौरान अलमारी में किसी भी कपड़े को नहीं बिखेरा था। सिर्फ जहां सामान रखा था, उसे ही खोलकर पूरे वारदात को अंजाम दिया था।
Published on:
05 Mar 2018 08:25 pm
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