
Nandlal
अंबिकापुर. तालीम हासिल करने के लिए तमाम मुश्किलें आने के बावजूद हौसला नहीं हारने वाले छोटे से गांव बकनाखुर्द के नंदलाल का नाम आज पूरे प्रदेश में सुर्खियों में है। हाईस्कूल परसा के छात्र नंदलाल ने दसवीं बोर्ड की मेरिट सूची में संयुक्त रुप से 96.50 प्रतिशत अंक के साथ ९वां स्थान हासिल कर इस बात को साबित कर दिया कि बुलंद हौसले के आगे बड़ी से बड़ी बाधा भी हार जाती है।
दरअसल पेशे से किसान ग्राम बकनाखुर्द के बिरझू राम का पुत्र नंदलाल पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रहा है। उसने कक्षा 8वीं में 94.8 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। बुधवार की सुबह जब बोर्ड के परिणाम घोषित हुए तो नंदलाल के परिवार को पता नहीं था कि उनका बेटा टॉप टेन में आ गया है।
नंदलाल ने खुद अपने पिता को फोन कर कहा-'पिता जी प्रणाम, मेरिट में आ गया हूं', यह सुनते ही पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, उनकी आंखों में खुशी के आंसू भर आए। दरअसल पिता को खुशी इस बात की ज्यादा थी कि संसाधन व सुविधाओं के बड़े अभाव के बावजूद बेटे ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
फिलहाल वह अंबिकापुर में समर कैंप में प्रशिक्षण ले रहा है। गौरतलब है कि इस वर्ष सरगुजा जिले से 10वीं में 3 विद्यार्थियों ने मेरिट लिस्ट के टॉप टेन में जगह बनाई है। यह सरगुजा जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
बारिश के दिनों में स्कूल जाने में आती थी परेशानी
अंबिकापुर में समर कैंप में शामिल होने आए नंदलाल ने चर्चा के दौरान बताया कि उसे बारिश के दिनों में स्कूल जाने में सबसे अधिक तकलीफों का सामना करना पड़ता है। घर से स्कूल आने-जाने के दौरान रास्ते में ग्राम कंचनपुर में पडऩे वाला बांध बारिश के दौरान भर जाता है और खराब सड़क की वजह से इस मार्ग को छोड़कर काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उसने स्कूल जाने में कभी देरी नहीं की और अपनी मेहनत के दम पर आज ये मुकाम हासिल किया। नंदलाल ने बताया कि वह आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहता है।
Published on:
09 May 2018 04:25 pm
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