
Former Minister PC (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। केन्द्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम परिवर्तन और उसके मूल प्रावधानों में बदलाव को लेकर कांग्रेस का विरोध (Political news) लगातार जारी है। शनिवार को अंबिकापुर स्थित राजीव भवन कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता एवं पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने इन बदलावों को गरीबों के अधिकारों को समाप्त करने वाला कदम बताया।
डॉ. प्रेमसाय सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने न केवल योजना के मूल प्रावधानों को कमजोर किया है, बल्कि महात्मा गांधी के नाम को हटाकर इसका नाम बदलकर (Political news) विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण कर दिया है।
नई योजना में काम की संवैधानिक गारंटी समाप्त कर दी गई है। ग्राम पंचायतों के अधिकार भी छीने जा रहे हैं और काम के आवंटन का अधिकार भी केन्द्र सरकार (Political news) अपने पास रख रही है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत न्यूनतम मजदूरी की गारंटी भी समाप्त हो जाएगी और मजदूरी दर तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा। साथ ही बजट आवंटन को 60-40 के अनुपात में केन्द्र और राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है, जिससे आर्थिक रूप (Political news) से कमजोर राज्य इस योजना के क्रियान्वयन में रुचि नहीं लेंगे। इससे ग्रामीण रोजगार पूरी तरह समाप्त होने की आशंका है और 100 से 125 दिन रोजगार बढ़ाने का दावा भी जुमला साबित होगा।
डॉ. प्रेमसाय सिंह ने यह भी कहा कि नई योजना में फसल अवधि के दौरान रोजगार पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे बड़ी संख्या में भूमिहीन मजदूर प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप (Political news) लगाया कि मनरेगा को कमजोर करना कार्पोरेट हितों को साधने की नीति का हिस्सा है। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
Updated on:
10 Jan 2026 08:06 pm
Published on:
10 Jan 2026 08:06 pm
