Student fell in waterfall: शहर के कार्मेल स्कूल (Carmel school) में अध्ययनरत था छात्र, पैर फिसलने से जलप्रपात में गिरते देख 2 दोस्त बचाने पानी में उतरे लेकिन वे भी डूबने लगे, पुलिस ने तत्काल चलाया तलाशी अभियान (Searching) लेकिन नहीं मिली सफलता, दूसरे दिन गोताखोरों (Resque team) ने निकाली लाश, पिता की कोरोना से हो चुकी है मौत
अंबिकापुर. Student fell in waterfall: सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघी जलप्रपात में डूबने से 11वीं कक्षा में अध्ययनरत एक छात्र की मौत हो गई। वह शनिवार को अपने 8 अन्य दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने घाघी जलप्रपात गया था। यहां अचानक उसका पैर फिसल गया और गहरे पानी में डूब (Drowned) गया। उसके 2 दोस्त बचाने पानी में उतरे तो वे भी डूबने लगे। यह देख अन्य दोस्तों ने दोनों को किसी तरह बाहर निकाला पर मृतक को निकालने में असफल रहे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों (Resque Team) की मदद से उसकी तलाशी शुरू की गई। पर पत्थर के समीप फंसे होने के कारण गोताखोर वहां नहीं पाए। दूसरे दिन गोताखोरों ने छात्र की लाश बाहर निकाली। कुछ माह पूर्व ही कोरोना से उसके पिता की भी मौत हो चुकी थी।
गांधीनगर थाना क्षेत्र के नमनाकला निवासी अमरदीप केरकेट्टा 16 वर्ष अंबिकापुर कार्मेल स्कूल में 11वीं का छात्र था। स्कूल में अल्टरनेट परीक्षा चल रही थी। शनिवार को परीक्षा नहीं होने के कारण अमरदीप अपने 8 अन्य दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने जिले में दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघी जलप्रपात गया था। करीब 11 बजे सुबह सभी दोस्त जल प्रपात में घूम रहे थे। इसी दौरान अमरदीप का पैर फिसल गया और जल प्रपात में डूबने लगा। यह देख 2 दोस्त बचाने के लिए जलप्रपात में उतरे पर वे भी डूबने लगे।
इन दोनों को डूबता देख उनके अन्य दोस्तों ने दोनों को किसी तरह बचा लिया पर अमरदीप को बचाने में असफल रहे। इसके बाद दोस्तों ने घटना की जानकारी गांव में जाकर लोगों को दी। गांव वाले वहां पहुंचे और डायल 112 को जानकारी दी। सूचना पर दरिमा पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाशी शुरू की गई। तलाशी अभियान शनिवार की देर शात तक चला पर पता नहीं चला।
पत्थरों के बीच फंसा था शव
पत्थरों के बीच फंसे होने के कारण गोताखोर वहां नहीं पहुंच पा रहे थे। दूसरे दिन रविवार को की सुबह से पुन: तलाशी अभियान शुरु की गई। काफी मशक्कत के बाद गोताखोर व गांव वालों की मदद से घटना के २४ घंटे बाद उसकी लाश बाहर निकाली गई।
पिता की कोरोना से हो चुकी है मौत
घटना के बाद से परिजन का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक के पिता की मौत कोरोना से कुछ माह पूर्व ही हो चुकी है। इसके बाद बेटे की मौत हो जाने से मां के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।