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निगम की सामान्य सभा में तीखी नोकझोंक, अमृत मिशन में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर सत्तापक्ष को घेरा

Ambikapur Nigam: बाजार प्रभारी ने एमआईसी की बैठक (MIC meeting) में कहा था कि ठेले-खोमचे वालों से बाजार में कौन वसूली (Illegal recovery) कर रहा है इसकी जानकारी मुझे नहीं दी जाती है, इस मामले पर भाजपा के पार्षदों ने सत्ता पक्ष को घेरा

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Ambikapur nigam

General assembly

अंबिकापुर. Ambikapur nigam: नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक हंगामेदार रही। विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर निगम सरकार को घेरा। गुरुवार को राजमोहनी भवन में नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। विपक्ष के हंगामे के बीच 22 एजेंडों को सत्तापक्ष ने बहुमत से पारित कर दिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज, पार्षद आलोक दुबे, मधुसूदन शुक्ला निगम की कांग्रेस सरकार को अपने सवालों से घेरते नजर आए। पार्षद आलोक दुबे ने अतिक्रमण के मामले में निगम के राजस्व अमले पर सेटिंग का आरोप लगाया। वहीं मधुसूदन शुक्ला ने अमृत मिशन योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच सदन में तीखी बहस हुई।

वहीं कुछ दिन पूर्व एमआईसी की बैठक में एमआईसी सदस्य ने बाजार में ठेले वाले, गुमटी वालों से अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कहा था कि मुझे केवल नाम का बाजार का प्रभार दिया गया है।

किसी चीज की जानकारी मुझे नहीं दी जाती है। इस मामले को पत्रिका अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस मामले को लेकर भी सामान्य सभा में विपक्ष द्वारा निगम सरकार पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए पत्रिका अखबार के उक्त खबर की प्रतियां लहराकर विरोध जताया गया।


नगर निगम की सामान्य सभा गुरुवार की दोपहर 12 बजे से राजमोहनी भवन में सभापति अजय अग्रवाल की उपस्थिति में शुरू की गई। सदन शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज ने समान्य सभा की बैठक समय-समय पर नहीं कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को समान्य सभा में ही अपनी बात रखने का मौका मिलता है जिसे भी नियमित समय पर नहीं कराया जा रहा है।

सामान्य सभा की बैठक में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का क्रियान्वयन नहीं होने का भी आरोप लगाया। वहीं विपक्षी पार्षदों ने निगम सरकार को अमृत मिशन योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इस दौरान पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी नोक झोक हुई। विपक्ष के पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने कहा कि अमृत मिशन योजना के लिए १०६ करोड़ राशि स्वीकृत हुई थी। यह राशि फिर नहीं मिलने वाली है।

इसका काम सही से होना चाहिए था, जो भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया है। शहरवासी पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। मात्र 15-20 मिनट ही पानी मिल पाता है। इस पर सत्ता पक्ष से एमआईसी प्रमुख शफी अहमद ने कहा कि प्रमाण के साथ आरोप लगाएं। अगर संतुष्ट नहीं हैं तो शासन से इसकी जानकारी आप मांग सकते हैं।


डामरीकरण में भेदभाव का आरोप
विपक्ष के पार्षदों ने शहर में डामरीकरण के मामले में भेदभाव का आरोप लगाया है। विपक्ष के पार्षदों ने कहा कि अधिकतर डामरीकरण के काम की स्वीकृति सत्तापक्ष के पार्षदों के वार्डों में मिली है। इस पर एमआईसी प्रमुख शफी अमहद ने कहा कि शासन से डामरीकरण के लिए 7 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है।

इसमें 1 करोड़ का काम कराया गया है। शेष डामरीकरण का काम बारिश के बाद कराया जाएगा। अगर कुछ वार्ड का डामरीकरण का काम छूट गया होगा तो उसे प्राथमिकता से सूची में शामिल करा कर काम कराया जाएगा।


अतिक्रमण में सेटिंग का आरोप
विपक्ष के पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि निगम क्षेत्र के ट्रांस्पोर्टनगर, मठपारा, गंगापुर में अतिक्रमण तेजी से हो रहा है। उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा इसकी जानकारी निगम आयुक्त व जिला प्रशासन को भी दी गई है। लगभग दो सौ से ज्यादा अतिक्रमण के फोटो ग्राफ के साथ शिकायत की गई है।

उन्होंने निगम के राजस्व अमले पर सेटिंग कर अतिक्रमण कराने का आरोप लगाया। वहीं सभापति अजय अग्रवाल के निर्देश पर सत्तापक्ष द्वारा शासकीय भूमि की जांच कराकर सुरक्षित करने की बात कही गई।


विपक्ष के सवाल एजेंडे से गायब
नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्षदों द्वारा लगाए गए सवाल को निगम सरकार द्वारा एजेंडों में शामिल नहीं किया गया है। इस बात को लेकर विपक्ष ने काफी नाराजगी व्यक्त करते हुए हंगामा किया। इस दौरान महापौर ने सभी एजेंडों को बिना चर्चा के ही पास करने की बात कही।

इस बात पर विपक्ष उग्र हो गया और कहा कि हम लोग केवल बैठक में शामिल होने नहीं आते हैं। एजेंडों को सर्वसम्मति से चर्चा के बाद ही पास किया जाना चाहिए। इसके बावजूद भी सत्तापक्ष द्वारा बहुमत से एजेंडों को पारित कर दिया गया।


महापौर से इस्तीफे की मांग
विपक्ष ने पीएम आवस निर्माण में निगम सरकार पर नाकामी का आरोप लगाते हुए कहा कि शासन के पंचायत मंत्री ने पीएम आवास में नाकामी पर इस्तीफा दे दिया है। इसी तरह महापौर भी पीएम आवास निर्माण में अपनी नाकामी मानते हुए इस्तीफा दें। विपक्ष ने आरोप लगाया कि निगम क्षेत्र में 4 हजार गरीबों का पीएम आवास नहीं बन पाया है।


लहराई गईं पत्रिका अखबार की प्रति
कुछ दिनों पूर्व एमआईसी की बैठक में एमआईसी सदस्य ने बाजार में ठेले वाले, गुमटी वालों से अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कहा था कि मुझे केवल नाम का बाजार का प्रभार दिया गया है। किसी चीज की जानकारी मुझे नहीं दी जाती है। इस मामले को पत्रिका अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

अब इस मामले को लेकर समान्य सभा में विपक्ष द्वारा निगम सरकार पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए पत्रिका अखबार के उक्त खबर की प्रतियां लहराकर विरोध जताया गया। इस दौरान विपक्ष के पार्षद आलोक दुबे ने नो वेंडिंग जोन में अवैध ठेले लगने की भी बात कही। उन्होंने धार्मिक स्थलों के आस पास से मटन, बिरयानी की दुकान को हटाने की मांग निगम के सत्तापक्ष से की।

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