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अपने ही लोगों का आंदोलन कुचलने पुलिस ऑफिसर अपना रहे ये हथकंडे, कड़े पहरे में ली गई क्लास

रायपुर में 25 को होना है पुलिस परिवारों का आंदोलन, करीब 200 पुलिसकर्मियों को मिली नोटिस, रेंज मुख्यालय में किया गया तलब, 5 दिन में मांगा जवाब

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Police in vehicle

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अंबिकापुर. पुलिस परिवारों द्वारा वेतन विसंगति सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 25 जून को राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन किया जाना है। पुलिस परिवारों के इस आंदोलन को कुचलने में अब पुलिस के ही आला अफसर लगे हुए हैं। वे तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।

गुरुवार को सरगुजा संभाग के पांचों जिले के पुलिसकर्मियों को रेंज मुख्यालय अंबिकापुर में तलब किया गया। पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर में कड़े पहरे के बीच ऑफिसरों ने उनकी क्लास ली। सभी को पुलिस रेग्यूलेशन एक्ट की जानकारी दी गई। साथ ही दबाव बनाकर परिवार के सदस्यों को आंदोलन में शामिल नहीं होने का पत्र लिखवाया गया।

करीब 200 पुलिसकर्मियों को नोटिस थमाई गई है तथा 5 दिन के भीतर उनसे जवाब मांगा गया है। नोटिस में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर बर्खास्त करने की चेतावनी भी दी गई है। वहीं यह भी उनसे कहा गया कि उनकी मांगें वे ऊपर रखेंगे।

गौरतलब है कि पुलिस जवानों की पत्नियां, माताएं व बहनों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को बंगाली चौक से घड़ी चौक तक विशाल रैली निकाल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। आंदोलन को देखते हुए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों द्वारा काफी दबाव बनाने का प्रयास किया गया था।

इसके बावजूद परिवार के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अगले चरण में 25 जून को पुलिस परिवार के सदस्य रायपुर में एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। इसे देखते हुए पु़लिस विभाग के आला अधिकारियों द्वारा रेंज के सभी पुलिस थाना में तैनात कर्मचारियों को पुलिस को-ऑर्डिनेशन सेंटर में बुलाकर उनकी क्लास ली।

सभी कर्मचारियों को कहा गया कि 25 जून को रायपुर में धरना प्रदर्शन का आह्वान कर प्रचारित किया जा रहा है। उसमें किसी भी कर्मचारियों के परिवार वाले शामिल न हो। अगर किसी भी पुलिस कर्मचारी के परिवार का सदस्य आंदोलन में शामिल होता है तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद इस संबंध का एक पत्र भी अधिकारियों द्वारा पुलिस कर्मियों से लिखवाया गया।


गणना में परिवार सहित उपस्थित होने के मिले थे आदेश
सुबह रक्षित केंद्र में पुलिस कर्मियों की गणना होती है। इसके लिए जिले के आला अधिकारियों ने सभी को निर्देशित किया था कि गुरुवार को गणना के दौरान सभी पुलिसकर्मी परिवार सहित उपस्थित हों, लेकिन परिवार वालों के उपस्थित होने से इनकार कर दिए जाने के बाद दोपहर में पुलिस कोर्डिनेशन सेंटर में बैठक रखी गई। इसमें सरगुजा रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक के उपस्थिति में आईजी ने बैठक ली।


प्यार से भी समझाने का किया प्रयास
बैठक में अधिकारियों द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को प्यार से भी समझाया गया। पहले उन्हें पुलिस रेग्यूलेशन एक्ट की जानकारी दी गई और कहा गया कि आप और आपके परिवार के लोग फोर्स के कर्मचारी है। इसके साथ ही जितने भी कर्मचारियों को नोटिस जारी की गई थी, उसे वापस लेने का भी आश्वासन दिया गया।

कोरिया जिले से 30 तो बलरामपुर से लाए गए 70 जवान
कोरिया जिले के 20 पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी की गई है। गुरुवार को सपेशल वाहन से 30 पुलिसकर्मियों को सरगुजा रेंज मुख्यालय लाया गया। वहीं बलरामपुर जिले से 70 जवानों को अंबिकापुर तलब किया गया।


नोटिस में यह उल्लेखित
नोटिस में लिखा है कि विभिन्न माध्यम से 25 जून को पुलिस कर्मचारी व परिजनों द्वारा राजधानी रायपुर में धरना प्रदर्शन का आह्वान कर प्रचारित किया जा रहा है। जो कि छत्तीसगढ़ सेवा आचरण नियम 3(28)(12) के अनुसार यह कदाचरण की श्रेणी में आता है। भारतीय संविधान की कंडिका 311 के खंड (2)के परंतुक के उपखंड ख के अधीन प्रदत्त शक्तियों के आधार पर कार्रवाई प्रस्तावित है। आप कारण बताएं कि क्यों न आपको सेवा से पदच्युत किया जाए। पुलिस रेग्युलेशन में प्रावधानित सोवा की सामान्य शर्तों एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा(आचरण)नियम के विपरीत आरक्षक का यह कृत्य सेवा शर्तों के नियम 04 का उल्लंघन व अनुशासनहीनतापूर्ण है।


वीडियो जारी कर भेज दिया गया गृहग्राम
इधर साइबर सेल के प्रधान आरक्षक धर्मेन्द्र श्रीवास्तव जिसने बुधवार को तनाव की वजह से आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उनके बयान को रिकार्ड कर पुलिस विभाग के आला अधिकारियों द्वारा वाट्सअप पर जारी किया गया। इसके बाद उसे देर रात उसके गृहग्राम बलरामपुर भेज दिया गया।

प्रधान आरक्षक को महामाया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो कि एक सर्जिकल डॉक्टर का अस्पताल है। वहां भर्ती करने पर भी लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि ब्लड पे्रशर हाई था तो एमडी के पास ले जाना चाहिए था, न कि सर्जन के पास।