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भाजपा-कांग्रेस, जोगी कांग्रेस और आप पार्टी से इन 2 विधानसभा सीटों के लिए ये हैं दावेदार

नेता प्रतिपक्ष टीएस खेलेंगे तीसरी पारी या प्रदेश की इस हाईप्रोफाइल सीट पर इस बार भाजपा लगा लेगी सेंध, लुंड्रा में भी मिली थी भाजपा को हार
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 5 Sep 2018, 3:11 PM IST

Assembly election in CG

Election in Chhattisgarh

अंबिकापुर. अविभाजित सरगुजा में कांग्रेस में तो 7 सीट पर दावेदारों के बीच टिकट पाने की लड़ाई है, लेकिन एकमात्र अंबिकापुर विधानसभा ही इकलौती सीट है जहां नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के नाम पर मुहर लगभग पक्की मानी जा रही है। यहां अन्य किसी कांग्रेसी नेता ने आवेदन तक नहीं किया है।

अपनी टिकट पक्की मानकर नेता प्रतिपक्ष सिंहदेव ने चुनावी प्रचार-प्रसार की शुरूआत भी कर दी है। इधर भाजपा में पार्टी स्तर पर तो कुछ भी गतिविधि नजर नहीं आ रही है, लेकिन अंदरखाने में पूरी जोर-आजमाइश जारी है।


इस बार भाजपा में भी अंबिकापुर सीट पर दावेदारों की संख्या अधिक है, टिकट किसे मिलेगी, इसका अंदाजा किसी को भी नहीं है। लेकिन हर दावेदार जुगत में जरूर लगा हुआ है। अंबिकापुर विधानसभा से अनुराग सिंहदेव के साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी, अनिल सिंह मेजर, जन्मेजय मिश्रा, आलोक दुबे व राजेश अग्रवाल के नाम सर्वाधिक चर्चा में हैं।

पहले चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार अनुराग सिंहदेव ने नेता प्रतिपक्ष को कड़ी चुनौती थी और महज 957 वोट से हार गए थे, लेकिन 2013 के चुनाव में हार का यह आंकड़ा 19 हजार के पास पहुंच गया था। इस बार अनुराग सिंहदेव के साथ अन्य 5 नेताओं के नाम अंबिकापुर विधानसभा में दावेदार के रूप में चर्चा में है।

इन नामों में तो कुछ नेता अपनी टिकट पक्की भी मान कर चल रहे हैं, सोशल मीडिया से लेकर तमाम पार्टी व सरकारी आयोजनों में इनकी सक्रियता देखते ही बनती है। अब पार्टी किसे टिकट देती है, यह दिलचस्प होगा। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) की तरफ से दानिश रफीक का नाम सबसे आगे है, उनके द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क भी किया जा रहा है।

वहीं आम आदमी पार्टी ने अंबिकापुर विधानसभा से अपना प्रत्याशी साकेत त्रिपाठी को घोषित कर दिया है। उन्होंने भी विधानसभा में अपना प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर अंबिकापुर विधानसभा का चुनाव इस बार भी प्रदेश में सुर्खियों में रहेगा।


इधर लुंड्रा विस में भी बढ़ रहा चुनावी रोमांच
सरगुजा जिले की बात करें तो लुंड्रा विधानसभा भी इस बार काफी चर्चा में है। पिछले चुनाव में यह सीट भाजपा ने गंवा दी थी, भाजपा के उम्मीदवार विजयनाथ सिंह को कांग्रेस के चिंतामणी महाराज ने शिकस्त थी। लेकिन इस बार भाजपा दावा कर रही है कि हम ये सीट जीतेंगे। इधर कांग्रेस भी जीत को लेकर आश्वस्त है।

लुंड्रा विधानसभा से भाजपा की तरफ से दावेदारों में विजयनाथ सिंह के अलावा पूर्व मेयर प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष फूलेश्वरी सिंह, अरुणा सिंह व जयंत मिंज क्षेत्र में अपने समर्थन में प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं। इन सभी ने टिकट पाने पार्टी स्तर पर सारी ताकत लगा रखी है, इसकी वजह से भाजपा को टिकट देने में काफी माथापच्ची करनी पड़ेगी।

वहीं कांग्रेस में भी इस बार विधायक चिंतामणी महाराज के अलावा 13 दावेदार टिकट पाने की जुगत में हैं। इनमें डॉ. दुर्गा प्रसाद सांडिल्य, बीनू राम तिग्गा, पवलूस कुजूर, सकुंती देवी, केपी प्रेमी, राजकुमार सिंह, गंगा प्रसाद, बंधु राम, नेवल साय कुजूर, ललन सिंह, अमरपति सिंह, विजय कुमार, मधु सिंह व राजनाथ सिंह के नाम शामिल हैं।

इतने दावेदारों की वजह से कांग्रेस को भी इस सीट पर टिकट तय करने में मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) की तरफ से टिकट दावेदारों में प्रयाग सिंह, मनोज सिंह व सुमित्रा सिंह के नाम सबसे आगे हैं। आम आदमी पार्टी ने इस सीट पर भी अपना उम्मीदवार प्रदीप बरवा को घोषित कर दिया है। प्रदीप ने प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया है।