9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शादीशुदा टीचर से कर बैठी प्यार, सगाई के बाद गायब हुई लड़की फिर दो माह बाद जंगल में पड़ी थी इस हाल में

लड़की के परिजनों का कहना है कि शिक्षक ने कट्टे की नोंक पर किया था अपहरण लेकिन पुलिस बता रही ये बात

3 min read
Google source verification
murder in love chhattisgarh

इस गुरुपूर्णिमा होगा चंद्रग्रहण का साया, सिर्फ इतने समय के लिए खुलेंगे मंदिरों के पट

अंबिकापुर. झारखंड की 15 वर्षीय सगुफ्ता परवीन की बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम कंडा, नगेशियापारा में गोली मारकर जिस शिक्षक ने हत्या की है, उसकी तस्वीर 'पत्रिका' के हाथ लगी है। आरोपी शिक्षक व उसका भांजा फिलहाल फरार हैं। बलरामपुर व झारखंड पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई है।

बलरामपुर पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई कि शिक्षक व मृतिका के बीच पे्रम-प्रसंग था और दोनों 2 महीने से फरार थे। जबकि मृतिका के माता-पिता ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में पुलिस को दिए बयान में कट्टे की नोंक पर 19 मई को अपहरण की बात बताई है। आरोपी शिक्षक शादीशुदा है तथा 2 बच्चों का पिता है।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पस्ता थानांतर्गत ग्राम कंडा के नगेशियापारा स्थित जंगल में 14 जुलाई को मृत मिली लड़की पहचान झारखंड के पलामू जिले के छत्तरपुर थानांतर्गत ग्राम अमवा निवासी सगुफ्ता उर्फ सोनम परवीन पिता अकबर हुसैन 15 वर्ष के रूप में कर ली गई है। किशोरी की हत्या कनपट्टी पर गोली मारकर की गई थी।

पस्ता थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302 व 25-27 आम्र्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने पीएम पश्चात किशोरी का शव मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में सुरक्षित रखवाया था। इधर बलरामपुर पुलिस ने मृतिका की शिनाख्त के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था।

बलरामपुर एसपी के निर्देशन में एडिशनल एएसपी पंकज शुक्ला व उनकी टीम ने छत्तीसगढ़ से लगे झारखंड, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश पुलिस को मृतिका की शिनाख्त के लिए फोटो भिजवाया। सोशल मीडिया में खबर फैलाने के अलावा इन राज्यों में आने-जाने वाले बस में मृतिका की तस्वीर चस्पा की गई, लेकिन घटना के 7 दिन बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी।

23 जुलाई को बलरामपुर पुलिस की एक टीम झारखंड के पलामू जिले के थानों में पता तलाश करने गई। इस बीच टीम को छत्तरपुर थाने में किशोरी के अपहरण व गुमशुदगी की रिपोर्ट के संबंध में पता चला। फिर उन्होंने मृतिका की फोटो दिखाकर उसकी पहचान कराई। फिर मृतिका के माता-पिता ने उसकी पहचान की और 24 जुलाई को पुलिस के साथ अंबिकापुर पहुंचकर बेटी का शव ले गए।


पे्रम-प्रसंग की बात आ रही सामने
बलरामपुर पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई कि किशोरी का उसके गांव से एक किमी दूर गांव के पारा शिक्षक भोला कुमार साव से पे्रम-प्रसंग चल रहा था। इसकी पुष्टि छत्तरपुर पुलिस ने भी की है। आरोपी भोला मृतिका के पिता के स्कूल में ही पढ़ाता था। इस कारण मृतिका के घर उसका आना-जाना था। पहचान होने के कारण दोनों में पे्रम हो गया था।

बताया जा रहा है कि घरवालों को जब यह बात पता चली तो उन्होंने किशोरी की शादी कहीं और फिक्स कर दी। उसकी सगाई भी हो चुकी थी। इसी बीच 19 मई को शिक्षक अपने भांजे धर्मेंद्र कुमार के साथ मिलकर उसे भगा ले गया था।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी छत्तरपुर पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल रखा था। 2 महीने बीत जाने के बाद भी वे किशोरी का सुराग नहीं लगा पाए थे। लाश मिलने के बाद बलरामपुर पुलिस की सक्रियता से मामला सामने आया।


लगातार पड़ताल से हुए सफल
किशोरी का शव मिलने के बाद से ही हमारी पुलिस ने शिनाख्ती के हरसंभव प्रयास किए। सोशल मीडिया समेत बसों व अन्य राज्यों में मृतिका की फोटो जहां चस्पा की गई। वहीं लोगों को फोटो दिखाकर पूछताछ भी की गई। इसी बीच 23 जुलाई को पलामू के छत्तरपुर थाने पहुंचकर पता चला कि मृतिका ग्राम अमवा की है। शिक्षक व मृतिका के बीच पे्रम-प्रसंग चल रहा था। शिक्षक के साथ गायब होने के बाद किशोरी ने घर में कॉल भी किया था। फिलहाल आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पंकज शुक्ला, एडिशनल एसपी, बलरामपुर-रामानुजगंज

बड़ी खबरें

View All

अंबिकापुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग