
Main post office employees
अंबिकापुर. केंद्र सरकार की नीतियों, सार्वजनिक उद्योगों का निजीकरण एवं श्रम कानून (Labour law) में संशोधन के विरोध में श्रम संगठनों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। इसका असर सरगुजा में भी रहा। यूनाइटेड फोरम ऑफ ट्रेड यूनियन्स सरगुजा के बैनर तले धरना प्रदर्शन व सभा का आयोजन शहर के घड़ी चौक पर किया गया।
आयोजित धरना व सभा को विभिन्न ट्रेड यूनियंस के पदाधिकारी त्रिभुवन दुबे, सुदेराम चौहान, अनिल द्विवेदी, सुनीता राजवाड़े, राजेंद्र, चरणप्रीत सिंह, अनंत सिन्हा, प्रकाश नारायण सिंह, प्रवीण सिंह ने संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
संगठनों ने केंद्र सरकार से श्रम विरोधी, किसान विरोधी, जन विरोधी नीतियों को वापस लाने की मांग की। वक्ताओं ने राज्य सरकार के कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने की मांग की। धरना प्रदर्शन (Protest) का संचालन विमल शर्मा ने किया। इस अवसर पर अजय विवेक, मनोज द्विवेदी, शेखर पुष्प, रामजी तिवारी, केडी अंसारी, विपिन पटनायक, राजीव सिंह, योगेंद्र द्विवेदी, चंद्रभान, संतोष, संतोष सिंह, राजू शर्मा व अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
केंद्र सरकार (Central Government) की नीतियों के विरोध में डाक विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का सरगुजा संभाग में भी व्यापक असर देखने को मिला। कर्मचारियों ने पोस्ट ऑफिस के सामने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। मुख्य डाकघर सहित संभाग के 34 उप डाकघरों में हड़ताल के कारण कामकाज ठप रहा।
वहीं हड़ताल का समर्थन सेंट्रल बैंक (Central Bank) द्वारा भी किया गया। सेंट्रल बैंक के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। जिससे बैंक का सारा काम प्रभावित रहा। हड़ताल का समर्थन बीमा कर्मचारी संघ द्वारा भी किया गया था। इस कारण एलआईसी मुख्य शाखा में ताला लटका रहा। भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा के कर्मचारियों ने एलआइसी गेट के बाहर प्रदर्शन किया।
हड़ताल का इन्होंने किया समर्थन
बीएसएनएलईयू, रेलवे मेन्स यूनियन, छत्तीसगढ़ कोटवार एसोसिएशन, छग किसान सभा, छग जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ, एसडीआईएफओ, इप्टा, छग तृतीय वर्ग कर्मचारी, एनपीएमएसआर यूनियन सहित अन्य संगठनों ने हड़ताल को समर्थन किया था। इन सभी संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य हड़ताल में शामिल हुए।
मेडिकल एंड सेल्स रिप्रजेन्टेटिव्स भी हड़ताल पर
केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंव सेल्स रिप्रजेन्टेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी देश व्यापी हड़ताल का समर्थन किया। इनकी प्रमख मांगें आवश्यक दवाओं की अबाधित उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ उचित मूज्य पर उपलब्ध कराने हेतु सरकारी दवा निर्माता कंपनी को पुनर्जीवित करने, दवाओं का दाम करने, सेल्स प्रमोशन एम्पलाइज एक्ट को बहाल करने, 8 घंटे काम की समय सीमा तय करने सहित अन्य मांगें शामिल थे।
डाकघरों में करोड़ों का कारोबार प्रभावित
एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की वजह से अंबिकापुर शहर के मुख्य डाकघर में ही एक करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। मनीआर्डर, पार्सल, स्पीड पोस्ट सेवाएं सहित डाक वितरण का काम ठप होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। आंदोलन में डाक विभाग के सभी संगठनों ने हिस्सा लिया।
डाक कर्मचारियों ने निजीकरण, आउटसोर्सिंग, ठेकाप्रथा बंद करने, ग्रामीण डाक सेवकों को सिविल सेवक घोषित करते हुए वेतन एवं पेंशन सुविधा देने, खाली पदों को भरने, सेवाकाल में पांच पदोन्नति प्रदान करने, वेतन विसंगति दूर करने, रविवार एवं अवकाश के दिनों में काम बंद कराने जैसी मांगें रखी है।
अपनी 29 सूत्रीय मांगों को लेकर गुुरुवार को विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने मेन गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी मांगों पर निर्णय लेने का आग्रह किया है।
Published on:
26 Nov 2020 11:09 pm
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