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गर्भपात के बाद पेट दर्द से परेशान महिला की नर्सिंग होम में मौत

शहर के एक निजी नर्सिंग होम में गर्भपात के बाद महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन ने अबॉर्शन करने वाले चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। घटना मंगलवार की है। सूचना पर एसडीएम व एएसपी ने पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंच कर परिजन को समझाइश दी। घटना के २४ घंटे बाद बुधवार को मृतिका के शव का पीएम चार चिकित्सकों की मौजूदगी व वीडियो ग्राफी के बीच कराया गया।

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Woman dies in nursing home

Woman dies in nursing home

अंबिकापुर. शहर के एक निजी नर्सिंग होम में गर्भपात के बाद महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन ने अबॉर्शन करने वाले चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। घटना मंगलवार की है। सूचना पर एसडीएम व एएसपी ने पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंच कर परिजन को समझाइश दी। घटना के २४ घंटे बाद बुधवार को मृतिका के शव का पीएम चार चिकित्सकों की मौजूदगी व वीडियो ग्राफी के बीच कराया गया।
जानकारी के अनुसार अंजना जायसवाल पति आकाश जायसवाल उम्र २९ वर्ष कोरिया जिले के चिरमिरी की रहने वाली थी। वह बैकुंठपुर में होमगार्ड की महिला आरक्षक थी। उसकी शादी वर्ष २०२० में हुई थी। अंजना दो माह की गर्भवती थी। उसका रूटीन चेकअप अंबिकापुर स्थित परिडा नर्सिंग होम में चल रहा था। १६ अपै्रल को अंजली परिजन के साथ चेकअप के लिए नर्सिंग होम आई थी। यहां चिकित्सक आरएन परिडा ने चेकअप के बाद बताया कि बच्चे को मां का पोषण नहीं मिल पा रहा है। इससे बच्चे का विकास सही से नहीं हो पाएगा। चिकित्सक ने परिजन को अबॉर्शन की सलाह दी थी। चिकित्सक के सलाह पर परिजन अबॉर्शन के लिए तैयार हो गए। उसी दिन चिकित्सक ने महिला का अबॉर्शन कर दिया और १० दिन बाद पुन: आकर चेकअप कराने की बात कही। इसके बाद परिजन अपने घर चले गए। २५ अपै्रल को पुन: परिजन अंजलि को लेकर नर्सिंग होम पहुंचे। अंजलि ने बताया कि अबॉर्शन के बाद उसे पेट में दर्द रह रहा है। चिकित्सक ने पुन: चेक किया। पता चला कि अबॉर्शन के बाद कुछ अवशेष गर्भ में रह गया है। उसकी पुन: सफाई करनी पड़ेगी। चिकित्सक के कहने पर परिजन पुन: सफाई के लिए तैयार हो गए। सफाई के दौरान महिला को ज्यादा दर्द होने पर चिकित्सक डॉ. आरएन परिडा ने कहा कि इसे बेहोशी का इंजेक्शन देने के बाद सफाई करना पड़ेगा। चिकित्सक ने दूसरे दिन आने को बोला। चिकित्सक के कहने पर परिजन पुन: २६ अपै्रल को लेकर उसे नर्सिंग होम पहुंचे। चिकित्सक उसे बेहोशी का इंजेक्शन देकर सफाई कर रहे थे कि महिला की मौत हो गई।


घटना के २४ घंटे बाद शव का हुआ पीएम
घटना के बाद मृतका के परिजन ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम परिसर में ही हंगामा करना शुरू कर दिया। घटना की सूचना पर कोतवाली टीआई भारद्वाज सिंह टीम के साथ नर्सिंग होम पहुंचे। इसके बाद भी परिजन का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सूचना पर एएसपी विवेक शुक्ला, एसडीएम प्रदीप साहू ने मौके पर पहुंच कर परिजन को समझाइश दी। घटना के २४ घंटे बाद बुधवार को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के चार चिकित्सकों की उपस्थिति में शव का पीएम कराया गया। इस दौरान शव का पंचनामा नायब तहसीलदार की उपस्थिति व शव का पीएम वीडियो ग्राफी के बीच कराया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।


ओटी को किया गया सील
परिजन का आरोप है कि मरीज पूरी तरह से स्वस्थ थी। वह पैदल ओटी तक गई थी। कुछ देर बाद चिकित्सक द्वारा मृतका के पति को बुलाया गया और कहा कि मरीज से मिल लो, स्थिति काफी खराब है। मृतका का पति अंदर गया तो उसे नहीं बताया गया कि उसकी मौत हो चुकी है। उसे बेहोश है, कहकर वापस बाहर भेज दिया गया। फिर अचानक नर्सिंग होम में पुलिस पहुंच गई। इसके बाद हम लोगों को बताया गया। वहीं पुलिस व जिला प्रशासन द्वारा ओटी को सील कर दिया गया है।


सीने में दर्द व सांस लेने में थी परेशानी
चिकित्सक डॉ. आरएन परिडा ने बताया कि अंजलि नामक महिला को अबॉर्शन के लिए लाया गया था। उसे सीने में दर्द व सांस लेने में परेशानी थी। अबॉर्शन के दौरान अचानक उसका बीपी व पल्स गिरने लगा। उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई। तत्काल बाहर से फैकल्टी को भी बुलाया गया पर कोशिश के बावजूद भी नहीं बचाया जा सका। परिजन के साथ-साथ मेरी रेपोटेशन की भी क्षति है।


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