
Insect in Government branded liquor
अंबिकापुर. Insect in Government liquor: शासकीय शराब दुकान में मिलावट की खबरें आम हो चली है, लेकिन अब शराब पीने वाले लोगों की जान से साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बीते दिनों जांजगीर में शराब पीने से 3 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को अंबिकापुर के गाड़ाघाट स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में खरीदे गए शराब में कीड़ा निकला है। शराब में कीड़ा निकलने से शराब प्रेमी आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि अन्य राज्यों से अधिक दाम पर छत्तीसगढ़ में शराब मिल रहा है। इसके बावजूद भी सही नहीं है। शराब में कीड़ा निकलने की बात को लेकर गुरुवार की दोपहर खरीदार का शराब दुकान के सेल्समेन से जमकर विवाद हुआ। दरअसल ब्लू रसियन ब्रांड की शराब की बॉटल में कीड़ा निकला। शराब की बॉटल में कचरा और कीड़ा निकलने सहित कीमत अधिक लेने का ये कोई पहला मामला नहीं है, ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसके कारण शराब प्रेमियों व सेल्समैन के बीच विवाद हो चुका है।
शहर के गाड़ाघाट स्थित शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान से एक युवक ने गुरुवार को ब्लू रसियन ऑरेंज कपल फ्लेवर्ड वोदका शराब की 180 एमएल की सील बंद बॉटल खरीदी। शराब की शीशी लेकर वह अपने साथी के साथ अंग्रेजी शराब दुकान की सीढिय़ां उतरा ही था कि उसकी नजर शीशी के अंदर शराब में तैर रहे कीड़ानुमा फंगस पर पड़ी।
शीशी सीलबंद होने के बाद भी कीड़ा देख उन्होंने शराब दुकान के सेल्समैन का ध्यान दिलाया और बॉटल वापस करने कहा लेकिन सेल्समैन का कहना था कि जो ऊपर से आता है वहीं हम बेचते हैं।
इसके बाद युवकों ने मीडिया कर्मियों को जानकारी देकर मौके पर बुलाया और सरकार की डिस्टीलरी कम्पनी द्वारा पैक की जा रही शराब की सील बंद शीशी की हकीकत बताई। अन्य शराब के शौकीनों को भी उन्होंने ये बात बताई कि शराब खरीदने के बाद शीशी में फंगस या कीड़े की पुष्टि दुकान की दहलीज पर ही कर लें।
अधिकारी शिकंजा कसने में नाकाम
अंबिकापुर में संचालित शराब दुकानों में शराब में मिलावटखोरी बिना किसी डर भय से किया जा रहा है। इसका खामियाजा शराब प्रेमियों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। इस मिलावटी शराब पर काबू पाने प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने कई बार लगाम लगाने की कोशिश की, लेकिन आज तक सफल नहीं हो सके हैं।
यही वजह है कि अंग्रेजी शराब की शीशी में कीड़े देखने को मिल रहे हैं। शहर में 3 अंग्रेजी शराब दुकान संचालित गंगापुर, गाड़ा घाट, और भगवानपुर की शराब दुकान में भी मिलावटखोरी जोरो पर है। इनपर जिले के अधिकारी शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
सेल्समैन मानने को नहीं होते हैं तैयार
शराब की बोतल या अद्धी, पउवा की शीशी लेने के बाद ग्राहक पैसे देकर चले जाते हैं। इसके बाद शराब दुकानों के सेल्समैन मानने को तैयार नहीं होते कि उक्त शराब उनके यहां से खरीदी गई है। शराब दुकानों से ऐसी कोई पर्ची या बिल नहीं दी जाती है, जिससे किस दुकान से शराब खरीदी गई है इसकी पुष्टि हो सके। ऐसे में शराब के शौकीन दुविधाजनक स्थिति से गुजरते हैं।
आबकारी अधिकारी ने नहीं उठाया फोन
वहीं जिले के आबकारी अधिकारी नवनीत तिवारी से शराब में कीड़े मिलने के संबंध में उनका पक्ष जानने उनके मोबाइल पर कॉल किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
Published on:
25 May 2023 09:33 pm

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