
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, विदेश विभाग ने बताया कि प्रतिबंधों के इस दूसरे दौर के तहत अमरीका अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा रूस को दिए जाने वाले ऋण का विरोध करेगा।
साथ ही गैर-रूबल मुद्रा में रूसी संप्रभु ऋण के प्राथमिक बाजार में हिस्सेदारी से अमरीकी बैंकों पर रोक लगाएगा और रूसी सरकार को गैर-रूबल मुद्रा के ऋण देने पर रोक लगाएगा।
इसके अलावा वाणिज्य विभाग द्वारा नियंत्रित वस्तुओं एवं प्रौद्योगिकी पर अतिरिक्त निर्यात लाइसेंसिंग प्रतिबंध लागू करेगा।
दरअसल, ब्रिटेन ने मार्च 2018 में पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल को सेलिसबरी में एक मिलिट्री-ग्रेड नर्व एजेंट (जहर) के जरिए उसकी हत्या की कोशिश के लिए दो रूसी नागरिकों को उनकी अनुपस्थिति में आरोपित किया है। स्क्रिपल ब्रिटेन के लिए एक दोहरा एजेंट बन गया था।
2018 में पहली बार लगाया था प्रतिबंध
रूस ने हालांकि जहर देने की घटना में किसी भी तरह की संलिप्तता से इंकार किया है। अमरीका ने इससे पहले अगस्त 2018 में इस मामले को लेकर रूस पर प्रतिबंध लगाए थे।
इसके बाद अमरीकी विदेशी सहायता, हथियारों की बिक्री और रूस को वित्तपोषण बंद कर दिया गया था। सेलिसबरी के जहर वाले मामले के कारण रूस और पश्चिम के बीच एक कूटनीतिक युद्ध शुरू हो गया है।
बता दें कि कई अहम मामलों को लेकर रूस और अमरीका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इसमें से एक S-400 मिसाइल भी है। रूस कई देशों को यह मिसाइल बेंच रहा है, जिसका अमरीका ने विरोध किया है।
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Updated on:
04 Aug 2019 07:43 am
Published on:
03 Aug 2019 08:49 pm
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