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कार नहीं कैमरा… टीवी से 300 गुना बड़ी तस्वीरें खींचेगा

खुलेंगे ब्रह्मांड के राज : वैज्ञानिकों ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा, 3,000 किलो के एलएसएसटी की लागत 80 करोड़ डॉलर

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कार नहीं कैमरा... टीवी से 300 गुना बड़ी तस्वीरें खींचेगा

कार नहीं कैमरा... टीवी से 300 गुना बड़ी तस्वीरें खींचेगा

वॉशिंगटन. अंतरिक्ष के अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा बना लिया है। कैलिफॉर्निया में इस पर बीस साल से काम चल रहा था। कार के आकार का यह कैमरा बेहद परिष्कृत और आधुनिक उपकरण है। इससे ब्रह्मांड के उन कोनों तक पहुंचा जा सकेगा, जहां इंसान की नजर अब तक नहीं गई।

स्पेस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक एलएसएसटी (लार्ज सिनोप्टिक सर्वे टेलिस्कोप) नाम के इस कैमरे को चिली की वेरा सी. रुबिन ऑब्जरवेटरी में लगाया जाएगा। इससे 3,200 मेगापिक्सल की तस्वीरें ली जा सकेंगी। यानी इसकी तस्वीर औसत टेलीविजन तस्वीर से करीब 300 गुना ज्यादा बड़ी होगी। हर तीन दिन में यह आसमान का एक चक्कर लगाएगा। इससे वैज्ञानिकों को विश्लेषण के लिए भरपूर डेटा और तस्वीरें मिलेंगी। चिली की सोसायटी ऑफ एस्ट्रोनॉमी के अध्यक्ष ब्रूनो डियाज ने कहा, शोधकर्ता अब तक एक समय में एक सितारे का अध्ययन करते हैं। यह कैमरा शुरू होने के बाद वे एक साथ हजारों सितारों का अध्ययन कर सकेंगे।

25 किमी दूर से गोल्फ बॉल की एचडी तस्वीर

कैमरे का वजन 3,000 किलोग्राम है। इसे बनाने पर करीब 80 करोड़ डॉलर की लागत आई। इसके सामने के लेंस का व्यास करीब पांच फीट है, जबकि दूसरा लेंस तीन फीट चौड़ा है। दोनों लेंस को खास वैक्यूम चैंबर में सेट किया गया है। इससे 25 किलोमीटर दूर पड़ी गोल्फ बॉल की भी एचडी तस्वीर ली जा सकती है। यह पूर्ण चंद्रमा की शानदार तस्वीरें ले सकता है।

जापान के हाइपर सुप्रीम-कैम का रेकॉर्ड टूटा

यह कैमरा डार्क मैटर, डार्क एनर्जी, आकाशगंगा और हमारे सौरमंडल के अध्ययन में मदद करेगा। अब तक दुनिया का सबसे शक्तिशाली कैमरा हाइपर सुप्रीम-कैम (870 मेगापिक्सल) था, जो जापान में लगा है। चिली में अभी सबसे शक्तिशाली कैमरा 520 मेगापिक्सल का है। यह केरो टोलोलो माउंटेन पर लगा है। चिली में पहला कैमरा 1960 के दशक में लगा था, जो सिर्फ 40 सेंटीमीटर का था।