महिलाओं के लिए बनाई वियाग्रा फ्लिबनसेरिन को 2010 और 2013 में साईड इफेक्ट के कारण नामंजूर कर दिया गया था। विशेषज्ञों का कहना था कि इस दवा के फायदे कम नुकसान ज्यादा हैं। इस दवा के इस्तेमाल से महिलाओं में सुस्ती, उबकाई, हाईपरटेंशन और बेहोशी जैसी समस्याएं उभर सकती हैं साथ ही शराब, गर्भनिरोधकों जैसी दवाओं के साथ लिए जाने पर ज्यादा खतरा पैदा होता है। मर्दो की वियाग्रा के उलट फ्लिबनसेरिन की डोज रोज लिए जाने के कारण इसके साइड इफेक्टस् ज्यादा होंगे। 2014-15 में करीब 200 शोधार्धियों ने एफडीए को पत्र भेज कर दवा को मंजूरी ना देने की अपील की थी। हालांकि दवा बनाने वाली कम्पनी का दावा है कि यह दवा उन महिलाओं की मदद करेगी, जिनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है।