
अमरीका: चाइल्ड पोर्नोग्राफी के लिए भारतीय युवक को 4 साल की जेल
न्यूयार्क। अमरीका में एक भारतीय व्यक्ति को चार साल की जेल की सजा सुनाई गई है। रिहा होने के बाद वह 10 साल तक सुपरविजन में रहेगा। इस व्यक्ति पर बाल अश्लीलता में संलिप्त रहने और उसको बढ़ावा देने का आरोप है। अमरीकी अटॉर्नी स्कॉट ब्रैडी ने कहा कि पिट्सबर्ग के 28 वर्षीय अभिजीत दास को निचली अदालत में 52 महीने की कारावास की सजा सुनाई गई है। यह सजा उन्हें नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के लिए दी गई है।
चाइल्ड पोर्न में संलिप्त थे अभिजीत दास
अदालत को दी गई जानकारी के मुताबिक दास ने अवैध रूप से कंप्यूटर ग्राफिक फाइलें रखीं जिनमें लगभग 1,000 तस्वीरें और 380 वीडियो शामिल हैं जो स्पष्ट यौन आचरण में लगे नाबालिग बच्चों को दर्शाते हैं। दास के पास ऐसी कई वीडिओ मिली है जिसमें बच्चों के नग्न फोटो शामिल हैं। यही नहीं बच्चों को यौन क्रियाओं में संलिप्त रहने वाले वीडियो भी इसमें शामिल हैं।
विदेशों से जुड़े थे तार
अभिजीत दास वॉटसऐप ग्रुप पर बच्चों की कई अश्लील फोटो और विडियो शेयर भी कर रहे थे। इस ग्रुप में 100 से ज्यादा भारतीय और अमेरिका, चीन, न्यूजीलैंड, मैक्सिको, अफगानिस्तान, पाकिस्तान समेत 18 देशों के लोग जुड़े हुए हैं। अब अमरीका की पुलिस इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट में अन्य कौन-कौन से लोग शामिल थे। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि कहीं यह ग्रुप बच्चों की तस्करी और यौन शोषण से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय रैकेट तो नहीं है।
क्या है चाइल्ड पोर्न
कोई भी सामग्री को कहते हैं जिसमें बच्चों को यौन क्रियाओं में शामिल किया गया है, चाइल्ड पोर्न कहलाती है। इसमें किसी बच्चे के साथ सीधे यौन संबंध बनाने या उन्हें अपनी यौन संतुष्टि के लिए किसी तरह की यौन क्रिया में शामिल करना है। यह ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों तरह की होती है।इसे एक तरह से यौन हिंसा माना जाता है। दुनिया के अधिकांश देशों के कानून के मुताबिक चाइल्ड पोर्न बनाना, रखना, बेचना, ढूंढना, देखना और शेयर करना जुर्म है।
Published on:
05 Aug 2018 01:37 pm
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