
स्टॉकहोम। फिजिक्स के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान के लिए जर्मनी के रेनर वीस और दो अमरीकी बैरी सी. बारिश और किप एस. थॉर्न की वैज्ञानिक तिकड़ी को नोबेल पुरस्कार 2017 से सम्मानित किया जाएगा। इन्हें यह सम्मान लीगो डिटेक्टर में अहम योगदान और ब्रह्मांड की गुरुत्वाकर्षण तरंगों के परीक्षण के लिए दिए जाने का ऐलान किया गया है।
100 साल आइंस्टीन ने की थी खोज
खास बात यह है कि जिन तरंगों पर इन वैज्ञानिकों ने शोध किया है, उसकी कल्पना तकरीबन 100 साल पहले ही महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने कर ली थी। 2015 में पहली बार इन तरंगों को रिकॉर्ड किया गया था। यह खोज आइंस्टीन ने 1916 में सापेक्षता के सिद्धांत यानी थ्योरी ऑफ जनरल रिलेटिविटी का हिस्सा थी।
ऐसे बंटेगी राशि
तीनों को इनाम के तौर पर करीब 7.25 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इनामी रकम का आधा हिस्सा रायनर वीस को दिया जाएगा, जबकि आधे हिस्से के दो बराबर भाग बैरिश और थॉर्न के बीच बांटे जाएंगे।
वैज्ञानिकों ने सदी की सबसे बड़ी खोज करार दिया था
अंतरिक्ष में विशाल पिंडों या ब्लैकहोल की टक्कर या उनके टूटने से बनने वाली इन तरंगों की खोज वैज्ञानिकों के लिए इसलिए उत्साहित करने वाली है कि इससे अंतरिक्ष को समझने का एक नया रास्ता खुलता है, क्योंकि अभी तक ब्रह्मांड हमारे लिए अबूझ पहेली रहा है। वैज्ञानिकों ने सदी की सबसे बड़ी खोज करार दिया था।
क्या है लीगो डिटेक्टर
लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल वेव आब्जर्वेटरी(लीगो) भौतिकी का एक विशाल प्रयोग है जिसका उद्देश्य गुरुत्वीय तरंगों का सीधे पता लगाना है। अमरीका के नेशनल साइंस फाउंडेशन की ओर से यह एमआईटी, काल्तेक तथा बहुत से अन्य संस्थानों की सम्मिलित परियोजना है। भारत भी इस परियोजना में शामिल है।
चिकित्सा के क्षेत्र में भी 3 वैज्ञानिकों को नोबेल
बता दें कि इससे पहले चिकित्सा के क्षेत्र में भी नोबेल पुरस्कारों का ऐलान हो चुका है। इसके लिए भी नोबेल समिति में तीन वैज्ञानिकों का चयन किया था। आने वाले दिनों साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के लिए भी नोबेल पुस्कार विजेताओं की घोषणा होगी।
Published on:
03 Oct 2017 09:16 pm
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