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फोटोग्राफर ने ट्रंप के शपथ-ग्रहण समारोह की तस्वीरें संपादित करने की बात कबूली

एक फोटोग्राफर ने जांचकर्ताओं के सामने स्वीकार किया है कि उसने ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में खाली स्थान भरने और दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए जानबूझ कर समारोह की तस्वीरें संपादित की थीं।
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नई दिल्ली

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Mangala Prasad Yadav

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Updated: 8 Sep 2018, 8:36 PM IST

वाशिंगटन: अमरीकी सरकार के एक फोटोग्राफर ने जांचकर्ताओं के सामने स्वीकार किया है कि उसने ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में खाली स्थान भरने और दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए जानबूझ कर समारोह की तस्वीरें संपादित की थीं। यह खुलासा हाल ही में जारी हुए कुछ दस्तावेजों में हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल हुई जांच में निकले निष्कर्ष के हाल ही में जारी हुए दस्तावेजों ने 20 जनवरी, 2017 को नेशनल पार्क सर्विस के बाद के घटनाक्रम पर प्रकाश डाला है। सोशल मीडिया पर शेयर एक पोस्ट में ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति बाराक ओबामा के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद भीड़ की तुलना की गई थी।

ट्रंप ने किया था ये दावा

ट्रंप ने दावा किया था कि कार्यक्रम के फूटेज में मौजूद लोगों की संख्या और उन्होंने स्टेज से जितने लोगों को देखा था, उनमें कोई समानता नहीं है।उनके तत्कालील प्रेस सचिव ने शाम के बाद संवाददाताओं को इकट्ठा कर दावा किया, "किसी शपथ ग्रहण समारोह में यह अभी तक की सबसे ज्यादा भीड़ थी।" फोटोग्राफर और कई अन्य सरकारी अधिकारियों की पहचान दस्तावेजों से संशोधित की जा रही है। ट्रंप ने कार्यालय में अपने पहले पूरे दिन पार्क सर्विस के तत्कालीन कार्यकारी निर्देशक मिशेल रेनॉल्ड्स से वे दस्तावेज मांगे थे। जांचकर्ताओं ने लिखा कि रेनॉल्ड्स ने जांचकर्ताओं से कहा कि उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के बाद सुबह ट्रंप से बात की और राष्ट्रपति ने उनसे शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें उपलब्ध कराने के लिए कहा।

ट्रंप की बढ़ेंगी मुश्किलें

फोटोग्राफर के इस खुलासे से डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ सकती हैं। इससे पहले भी रूस से कथित सांठगांठ को लेकर ट्रंप की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। इस मामले की जांच भी की जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।