
डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति के परिवार पर शिकंजा कसा। (फोटो: पत्रिका)
US-Venezuela Tensions: अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनके परिवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई (US-Venezuela Tensions) की है। ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस के भतीजों सहित उनके करीबी सहयोगियों पर नए सख्त प्रतिबंध (Venezuela Sanctions) लगाए हैं। इस दौरान अमेरिका ने छह तेल टैंकर भी जब्त(Oil Tankers Seized) किए हैं, जो वेनेजुएला से कच्चे तेल की तस्करी में शामिल थे। इन टैंकरों में से चार पनामा के ध्वज अंकित हैं, जबकि दो अन्य हांगकांग और कुक द्वीप समूह के ध्वजांकित हैं। इन जहाजों को अमेरिका ने “धोखाधड़ी और असुरक्षित शिपिंग प्रथाओं में लिप्त” करार दिया और यह आरोप लगाया कि वे मादुरो के भ्रष्ट शासन को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे थे।
अमेरिका का यह कदम वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में और मादुरो शासन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। प्रतिबंधों में राष्ट्रपति मादुरो की पत्नी, सिलिया फ्लोरेस के भतीजों, फ्रेंकी फ्लोरेस और एफ्रेन एंटोनियो कैम्पो फ्लोरेस, और वेनेजुएला सरकार से जुड़े शिपिंग कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। इन दोनों को पहले मादक पदार्थों की तस्करी करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था, लेकिन कैदियों के आदान-प्रदान के बाद वे 2022 में रिहा हो गए थे। यह ठीक वैसी ही कार्रवाई की शुरुआत है, जैसी यूएस ने कभी इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के खिलाफ की थी।
हालांकि, यह घटना अमेरिकी अधिकारियों की ओर से एक बड़ी कानूनी कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है, लेकिन मादुरो ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे "समुद्री डकैती" का कृत्य बताते हुए कहा कि अमेरिकी प्रशासन असल में वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है। मादुरो ने इस तर्क का विरोध करते हुए कहा कि उनका देश अपने तेल की रक्षा करेगा और उन्होंने अमेरिकी सरकार की नीतियों को खारिज किया।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका ने जब्त करने की यह पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत अंजाम दी है और आने वाले दिनों में इस तरह की और कार्रवाइयां की जा सकती हैं। अमेरिकी प्रशासन ने यह भी साफ किया कि वे तेल की तस्करी नियंत्रित करने के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि इसके माध्यम से कई अवैध गतिविधियों और आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है।
अमेरिका की ओर से लगाए गए इन प्रतिबंधों में मादुरो के परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जिनमें उनका तीसरा भतीजा, कार्लोस एरिक मालपिका फ्लोरेस भी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए में भ्रष्टाचार के आरोप में शामिल था।
अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के तेल परिवहन और मादुरो के करीबी रिश्तेदारों पर प्रतिबंधों का यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। साल 2019 से लागू अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत ऐसा पहली बार हुआ है कि जब वेनेजुएला के तेल कार्गो जब्त किए गए हैं, जो वैश्विक तेल बाजार और अमेरिका-वेनेजुएला रिश्तों पर बहुत प्रभाव डाल सकते हैं।
अभी यह देखना है कि अमेरिका के इस नए अभियान का वेनेजुएला की तेल नीतियों पर कितना प्रभाव पड़ेगा। हालांकि मादुरो का कहना है कि वे अपने तेल के संसाधनों की रक्षा करेंगे, लेकिन यह भी एक वास्तविकता है कि अमेरिकी प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय दबाव से वेनेजुएला की तेल कंपनियों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बहरहाल,अमेरिका का यह कदम न केवल वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को निशाना बना रहा है, बल्कि यह मादुरो के शासन को भी गंभीर चुनौती दे रहा है। अमेरिकी सरकार के इस कदम के बाद वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर इसके दूरगामी प्रभाव देखे जा सकते हैं।
Updated on:
12 Dec 2025 02:57 pm
Published on:
12 Dec 2025 01:01 pm
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