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अमरीका और रूस के बीच शीतयुद्ध! ट्रंप ने पुतिन के दामाद समेत कई अमरीकी व्यापारियों को किया बैन

अमरीका और रूस के बीच शीतयुद्ध की स्थिति बन गई है। इससे पहले अमरीका ने 60 रूसी राजदूतों को भी देश से निकाल दिया था।
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Kapil Tiwari

Apr 07, 2018

Trump And Putin

Trump And Putin

न्यूयॉर्क। अमरीका और रूस के बीच विवाद काफी गहरा गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है। दरअसल, अमरीका ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दामाद सहित कई व्यापारियों और कई उद्यमियों पर बैन लगा दिया है। अमरीका के तरफ से रूस के खिलाफ ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने देश से 60 रूसी राजदूतों को निकाल दिया था। इसके बाद से ही दुनिया की 2 बड़ी महाशक्तियों के बीच शीतयुद्ध की स्थिति बन गई है।

पुतिन के दामाद पर लगाया प्रतिबंध
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के दामाद समेत कई व्यापारियों और उद्यमियों पर की गई इस कार्रवाई के पीछे ट्रंप प्रशासन ने वजह ये बताई है कि ये सभी रूस की सरकार के पश्चिमी देशों को नजरअंदाज करने के प्रयास से लाभ उठा रहे थे। अमरीकी ट्रेजरी विभाग ने शुक्रवार को प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। विभाग ने रूस के 17 सरकारी अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाया है।

अमरीकी ट्रेजरी के सेक्रेटरी ने किया प्रतिबंध का ऐलान
आपको बता दें कि हथियारों के कारोबार से जुड़ी रूस की सरकारी कंपनी रोसोबोरोनेक्सपोर्ट का सीरिया के साथ लंबे समय से संबंध है। उसके सहायक रूसी फाइनेंशियल कारपोरेशन बैंक को भी नए प्रतिबंध का निशाना बनाया गया है। अमरीकी ट्रेजरी सेक्रेट्री स्टीवन टी. मनुचिन ने रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा, 'रूस की सरकार व्यापारियों और सरकारी उद्यमों के असीमित लाभ के लिए काम करती है।' इस कार्रवाई के निशाने पर रूस के व्यापारी किरिल शामालोव भी हैं। शामालोव पुतिन की बेटी के पति हैं और 2013 में शादी करने के बाद उन्होंने बेशुमार धन अर्जित किया है।

जानिए क्या है विवाद
इस विवाद की शुरूआत रूस और ब्रिटेन के बीच हुए एक छोटे से राजनयिक विवाद से हुई थी, जिसने धीरे-धीरे दुनिया की 2 बड़ी महाशक्तियों के बीच शीतयुद्ध की स्थिति ला दी है। आपको बता दें कि बीते मार्च के महीने में रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी पर ब्रिटेन में हुए रासायनिक हमले के बाद से इस विवाद की शुरूआत हुई थी। इस हमले का आरोप ब्रिटेन ने रूस पर लगाया था, जिसके बाद ब्रिटेन में 23 राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। बदले में रूस ने भी ब्रिटेन के उतने ही राजनयिकों को निकालने का एलान कर दिया, जिसके बाद ब्रिटेन के समर्थन में बीस से अधिक यूरोपीय देशों सहित अमेरिका ने भी रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने की घोषणा कर दी। जिसके बाद रूस ने भी अमेरिका के 60 राजनायिकों को अपने देश से निकाल दिया।