
cancer treatment: अब बिना कीमोथेरेपी के भी हो सकेगा कैंसर का इलाज
शिकागो. वह दिन दूर नहीं जब कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी जैसी पीड़ादायक प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। अमरीका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मानव कोशिका में मौजूद एक ऐसे किल कोड की खोज की है, जो कीमोथेरेपी के बिना ही कैंसर की कोशिकाओं को खत्म कर देगा।
शोधकर्ताओं का कहना है कि कीमोथेरेपी से उपचार के दौरान प्रोटीन युक्त राइबोन्यूक्लिक एसिड (आरएनए) के बड़े अणुओं का इस्तेमाल कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इस प्रक्रिया से गुजरने के दौरान मरीज को बालों का झडऩा, रक्त संक्रमण, थकान, नींद न आना, लगातार उल्टियां होना, दस्त, मुंह में घाव होना और महिलाओं में बांझपन जैसे प्रभावों को झेलना पड़ता है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक मानव की प्रत्येक कोशिका में ही मौजूद किल कोड छोटे आरएनए के अणु से युक्त होते हैं, जिन्हें माइक्रो आरएनए भी कहा जाता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि करीब 80 करोड़ साल पहले शरीर को कैंसर से बचाने के लिए ये किल कोड विकसित हो गए थे। शोध नेचर पत्रिका में सोमवार को प्रकाशित हुआ।
चार हजार से अधिक परीक्षण
2017 में प्रकाशित शोध में शोध के मुख्य लेखक मार्कस ई पीटर ने बताया था कि कुछ निश्चित आरएनए अणुओं के संपर्क में लाने के बाद कैंसर की कोशिकाएं नष्ट हो गईं। माइक्रो आरएनए में मौजूद छह न्यूक्लियोटाइड्स कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने में सहायक साबित हुए। ये डीएनए व आरएनए से मिलकर बने हैं। इसके बाद पीटर ने न्यूक्लियोटाइड बेस के 4,096 विकल्पों का परीक्षण किया। पीटर ने कहा, हम कृत्रिम माइक्रो आरएनए बना सकते है, जो कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्षम होंगे।
प्राकृतिक तंत्र का उपयोग
पीटर ने कहा, वे कीमोथेरेपी की बजाय प्राकृतिक तंत्र का उपयोग करना चाहते थे। किल कोड को जीनोम में गड़बड़ किए बिना कैंसर की कोशिकाओं पर सीधे ट्रिगर किया जाए तो कैंसर को खत्म किया जा सकता है।
Updated on:
31 Oct 2018 10:03 am
Published on:
31 Oct 2018 10:03 am
