
भारत में 50 लाख से ज्यादा लोगों की मौत होती है इन बीमारियों के कारण
ललितपुर. उच्चरक्तचाप, शुगर, कैंसर ये कुछ ऐसे रोग हैं, जो किसी के छूने, झूठा खाने पीने से नहीं होते। लेकिन जिनको यह हो जाते हैं वह उस इंसान को अंदर ही अंदर खोखला कर देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संघठन के अनुसार भारत में 50 लाख से भी ज्यादा लोग दिल, फेफड़े, स्ट्रोक, कैंसर और डायबिटीज़ की वजह से मर जाते हैं। हर चार में से एक को 60-70 की उम्र में इन रोगों की वजह से मरने का खतरा रहता हैं।
5000 से ज्यादा मधुमेह के मरीज
ललितपुर में मधुमेह के 5285 मरीज हैं और उच्चरक्तचाप के 4923 मरीज हैं। इन सभी खतरों मेँ से एक खतरा हैं स्ट्रोक (दिमाग का दौरा) का। वर्ल्ड स्ट्रोक ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार दुनिया में करीब आठ करोड़ लोगों को दिमाग का दौरा पड़ता है।
डॉ. मुकेश दुबे, गैर-संचारी रोग के नोडल अधिकारी के अनुसार लकवा (स्ट्रोक) दिमाग के दौरे को कहते हैं। दिमाग में खून की नली के फट जाने की वजह से खून के थक्के जम जाते हैं, जिसकी वजह से दिमाग का दौरा पड़ता हैं। सबसे ज्यादा यह समस्या उच्च रक्तचाप की वजह से होती है और कहीं न कहीं शुगर (मधुमेह) भी इसका एक कारण हैं। लेकिन जब उच्च रक्तचाप और मधुमेह दोनों हो, तो इसका खतरा बढ़ जाता हैं। उनके अनुसार बढ़ती उम्र में रक्त की नलियों के फैलने और सिकुड़ने की गति धीमी हो जाती हैं। बढ़ती उम्र के लोगों में इसकी संभावना ज्यादा हो जाती हैं। डॉ. दुबे के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का चेहरे का टेड़ा हो जाए, उसे एक बांह या पैर में कमजोरी महसूस हो, आवाज में थर-थराहट आ जाए, तो समझ ले उसे लकवा मार गया है। ऐसी हालत में उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में लेकर जाए।
कैसे पहचानें स्ट्रोक को
स्ट्रोक को पहचानने के लिए एक नियम है, जिसका नाम हैं फास्ट (FAST) यानी कि फेस, आर्म्स, स्पीच और टाइम
• चेहरा- किसी व्यक्ति का चेहरा टेड़ा या एक और गिरता हुआ सा दिखना
• बाहें- हाथों मेँ किसी प्रकार की जान ना रहना, अगर उन्हे उठाए जाए तो वो खुद नीचे आ जाए
• बोलना- आवाज मेँ थर-थराहट
• समय- अगर ऊपर दिये गए चिन्ह किसी मेँ भी दिखते हैं, तो बिना समय गवाए उसे चिकित्सक को जरूर दिखाएं
कैसे करें बचाव
• अपने उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखें। आधे दिमाग के दौरे उच्च रक्तचाप की वजह से ही होते हैं
• हफ्ते मेँ 5 बार नियमित व्यायाम करें
• संतुलित भोजन खाएं
• अपने वजन को नियंत्रित रखें
• कोलेस्ट्रॉल को कम करें
• धूम्रपान बंद करें
• मादक पदार्थो का प्रयोग ना करें
• अनियमित दिल की गति को पहचाने और उसका इलाज करवाएं
• मधुमेह को नियंत्रित करे और उससे बचें
• स्ट्रोक बारें मेँ जानकारी बढ़ाए और सचेत रहें
Published on:
28 Oct 2018 04:43 pm
