
मिट्टी ने खोला चंद्रमा की उम्र का राज
फ्लोरिडा (अमरीका). चांद कितना पुराना है, इसे लेकर हमेशा बहस होती रही है। लेकिन सन् 1970 के दशक में अमरीका की ओर से चांद पर भेजे गए मानव मिशन अपोलो-17 के अंतरिक्ष यात्रियों की ओर से लाई गई चांद की मिट्टी ने इसका राज खोल दिया है। चंद्रमा से 51 साल पहले लाई गई मिट्टी के विश्लेषण से जिक्रोन क्रिस्टल का पता चला है। इससे बताया जा रहा है कि चंद्रमा की उम्र 4.46 अरब वर्ष है। पिछले अनुमानों के अनुसार चंद्रमा की उम्र 4.425 अरब वर्ष बताई गई थी। इससे साफ है कि चंद्रमा की उम्र अभी जितनी बताई जा रही है, उससे चार करोड़ वर्ष अधिक पुराना है।
ये नए निष्कर्ष सोमवार को जियोकेमिकल पर्सपेक्टिव लेटर्स जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। शिकागो में नैचुरल हिस्ट्री के फ्लीड म्यूजियम से जुड़े क्यूरेटर रॉबर्ट प्रित्जकर ने कहा, 'ये जिक्रोन सबसे पुराने ज्ञात ठोस पदार्थ हैं। हम जानते हैं कि ये क्रिस्टल कितने पुराने हैं। ऐसे में वह चंद्रमा की उमफ बताने के लिए एक बड़ी भूमिका के तौर पर काम करते हैं।Ó
सौरमंडल के शुरुआती दिन
वैज्ञानिकों के मुताबिक हमारे सौरमंडल के शुरुआती दिन उथल-पुथल भरे थे। यह वह समय था जब पृथ्वी का निर्माण हो रहा था और इसका आकार भी बढ़ रहा था। उस समय अक्सर चट्टानी पिंड अंतरिक्ष में टकराते थे। शोधा के मुताबिक चार अरब साल से भी पहले मंगल के आकार का एक पिंड पृथ्वी से टकराया। इसी टक्कर के बाद चंद्रमा का निर्माण हुआ।
इस तरह बनी चंद्रमा की सतह
मंगल के आकार की वस्तु के पृथ्वी से टकराने से उत्पन्न हुई ऊर्जा ने चट्टान को पिघला दिया। इसके बाद चंद्रमा की सतह का निर्माण हुआ। नेगौनी इंटीग्रेटिव रिसर्च सेंटर के सीनियर डायरेक्टर और शिकागो यूनिवर्सिटी में भूभौतिकी विज्ञान विभाग में प्रोफेसर हेक कहते हैं, 'जब सतह इस तरह पिघली हुई थी, तो जिक्रोन क्रिस्टल नहीं बन सके। चंद्रमा की सतह पर मैग्मा महासागर के ठंडा होने के बाद ही क्रिस्टल बना होगा।Ó
Published on:
25 Oct 2023 12:43 am
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