6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गंभीर बिमारी से पीड़ित एक 13 साल के बच्चे ने कमाया ऐसा नाम, जिसे आज दुनिया कर रही है सलाम

"कई जीत बाक़ी हैं कई हार बाक़ी हैं अभी ज़िंदगी का सार बाक़ी है। यहाँ से चले हैं नयी मंज़िल के लिए ये तो एक पन्ना था अभी तो पूरी किताब बाक़ी है"।

2 min read
Google source verification

image

Rahul Mishra

Dec 05, 2016

sparsh shah with a rare condition of brittle bones

sparsh shah with a rare condition of brittle bones finds his voice and life through singing

"कई जीत बाक़ी हैं कई हार बाक़ी हैं अभी ज़िंदगी का सार बाक़ी है। यहाँ से चले हैं नयी मंज़िल के लिए ये तो एक पन्ना था अभी तो पूरी किताब बाक़ी है"।

अमेरिका के न्यूजर्सी में रहने वाले 13 साल के स्पर्श शाह की जिंदगी पर यह लाइन बिल्कुल सटीक बैठती है। कहने को तो स्पर्श भी उन लाखों करोड़ों दिव्यांगों के जैसे ही हैं, लेकिन उनका आत्मविस्वास, साहस और कुछ कर गुजरने का जज्बा उन लाखों बच्चों के लिए एक प्रेरणा है जो जिंदगी के फ़लसफ़े में खुद को खुद से ही हारा हुआ घोषित कर लेते हैं। इतनी छोटी सी उर्म के स्पर्श जो अब तक 100 से ज्यादा फ्रैक्चर झेल चूका है, जरा सोचिये उसके माँ-बाप पर क्या गुजरती होगी, जो उसे अपनी गोद में भी नहीं ले सकते।

sparsh
लेकिन फिर भी इतने सारे कठिन हालातों को झेलते हुए स्पर्श म्यूजिक इंडस्ट्री में अपना एक अलग ही मुकाम हासिल कर चुके हैं और उन जैसे तमाम दिव्यांगों के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं। स्पर्श ने महज तीन साल की उम्र से ही की-बोर्ड सीखना और किताबें पढ़ना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे स्पर्श की संगीत में रुचि बढ़ी और वह रेडियो पर बजने वाले सारे गाने गाने लगा। बस फिर चल पड़ा उसका म्यूजिक करियर। स्पर्श की सफलता के पीछे उनके माँ बाप का भी बड़ा हाथ है क्योंकि उसके इस टैलेंट को पहचान कर माता-पिता ने उसका साथ दिया और वह स्टेज प्रोग्राम करने लगा। आज अमेरिका में उसका एक बड़ा नाम है, स्पर्श एक ब्रांड बन चूका है।

बता दें क़ी संगीत और लेखनी का शौक रखने वाले स्पर्श, जन्मजात ही हड्डियों की एक गंभीर बिमारी 'ऑस्टियोजेन्सिस इम्परफेक्टा' से पीड़ित हैं.। स्पर्श जब मां के पेट में था तभी उसकी 35 हड्डियां टूट चुकी थीं। स्पर्श का जब जन्म भी नहीं हुआ था तब उससे पहले पेट में ही उसकी 33 हड्डियां टूट चुकी थीं और आज 13 साल की उम्र में भी हालात ये हैं वो चल-फिर भी नहीं सकता।

पिछले लगभग 2 सालों में वह अब तक 50 से ज्यादा प्रोग्राम कर चुका है। गम्भीर बिमारी से पीड़ित स्पर्श शाह ने अब तक 10 गाने लिखे हैं जो काफी पसंद भी किये गए हैं। अगर बात की जाए उसके माता-पिता की तो उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका यह बेटा इतनी तकलीफों को झिलते हुए इतना नाम कमाएगा।

क्या है यह बीमारी?

ऑस्टियोजेन्सिस इम्परफेक्टा एक ऐसी बिमारी है जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति के शरीर की सारी हड्डियां बहुत ही कमजोर हो जाती हैं। ये इतनी कमजोर होती हैं कि किसी से हाथ मिलाने मात्र से टूट जाती हैं।