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ट्रंप प्रशासन ने नेट निरपेक्षता को लेकर कैलिफोर्निया पर ठोका मुकदमा, कुछ ही घंटे पहले पारित हुआ था कानून

इस कानून पर कैलिफोर्निया के गवर्नर जेरी ब्राउन ने कुछ ही घंटे पहले हस्ताक्षर किए थे।
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Shweta Singh

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Updated: 1 Oct 2018, 7:25 PM IST

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वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कैलिफोर्निया के नए इंटरनेट निरपेक्षता (नेट न्यूट्रैलिटी) कानून को रद्द करने के लिए अभियोग चलाया है। इस कानून पर कैलिफोर्निया के गवर्नर जेरी ब्राउन ने कुछ ही घंटे पहले हस्ताक्षर किए थे।

34 बिलों में से एक था ये इंटरनेट निरपेक्षता का बिल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार दोपहर को जिन 34 बिलों पर हस्ताक्षर किए गए, उनमें से एक यह भी था। कैलिफोर्निया के गवर्नर ब्राउन ने देश के सबसे कड़े नेट निरपेक्षता कानून को मंजूरी दे दी। न्याय विभाग ने रविवार रात को मुकदमा दायर करते हुए कहा कि सीनेट विधेयक 822 संघीय सरकार के इंटरनेट को डिरेगुलेट करने के रुख में हस्तक्षेप करता है।

'सरकार के विशेषाधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा करना हमारा कर्तव्य'

अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस ने इस संबंध में जारी बयान में कहा, 'न्याय विभाग को अपना कीमती समय और संसाधन आज इस मुकदमे को दायर करने में नहीं लगाना चाहिए था लेकिन सरकार के विशेषाधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।'

कैलिफोर्निया से पहले तीन राज्य में भी लागू हुआ था नेट निरपेक्षता का कानून

बता दें कि कैलिफोर्निया से पहले तीन राज्य ओरेगन, वाशिंगटन और वरमोंट भी अपने नेट निरपेक्षता के कानून को पारित कर चुके हैं लेकिन वे इतने कड़े नहीं थे। कैलिफोर्निया के नेट निरपेक्षता कानून के तहत ब्रॉडबैंड कंपनियां इंटरनेट की स्पीड कम नहीं कर सकेंगी, वेबसाइटें ब्लॉक नहीं कर पाएंगी और यहां तक कि इंटरनेट की तेज स्पीड के लिए अधिक शुल्क भी वसूल नहीं कर पाएंगी।

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इतना ही नहीं यह कानून जीरो रेटेड डेटा प्लान को भी सीमित करता है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस बिल के प्रायोजक सीनेट स्कॉट विएनर ने इसे खुले समाज के लिए जीत बताया है।