16 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रंप के इस फैसले से भारत को लग सकता है झटका, 7,000 से अधिक लोगों पर पड़ सकता है असर

डोनाल्ड ट्रंप डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुट अराइवल्स (डीएसीए) कार्यक्रम को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं।

2 min read
Google source verification

image

Mohit sharma

Sep 04, 2017

trump

नई दिल्ली। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुट अराइवल्स (डीएसीए) कार्यक्रम को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं। डीएसीए अमरीका में अप्रवासियों को वर्क परमिट प्रदान करता है। अमरीका का यह ऐसा कदम कम से कम 7,000 से ज्यादा भारतीय-अमरीकी लोगों पर असर डालेगा। डीएसीए पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का एक महत्वपूर्ण आप्रवासन सुधारों में से एक था।

पहले ही दिए थे बदलाव के संकेत

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि ट्रम्प इस मुद्दे पर कल फैसला लेंगे। हालांकि पॉलिटिकों ने अपनी खास रिपोर्ट में कहा कि ट्रम्प ने पहले ही इस कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया है और इसके लिए वह वरिष्ठ प्रशसानिक अधिकारी उनके फैसलों को लेकर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने बताया इससे जुड़ा फैसला अगले हफ्ते आ सकता है। पॉलिटिको ने कहा कि हालांकि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि जब तक औपचारिक घोषणा नहीं होती तब तक ट्रंप के फैसले में बदलाव भी हो सकते हैं।

चुनावी अभियान के दौरान किया था वादा

दरअसल, यह फैसला ट्रंप के चुनावी अभियान के दौरान किए गए वादे का परिणाम है। बता दें कि ट्रंप चुनाव के दौरान इसे खत्म करने की बात कही थी। हालांकि ट्रंप के इस फैसले का विरोध हो सकता है। उनके इस कदम से बिना दस्तावेज वाले लगभग साढ़े सात लाख से अधिक कर्मियों पर असर पड़ सकता है, जिनमें सात हजार से अधिक भारतीय-अमरीकी हैं। वहीं अमरीकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष पॉल रेयान ने कहा है कि ट्रंप को डीएसीए को खत्म नहीं करना चाहिए क्योंकि 'ये बच्चे अमरीका के अलावा किसी और देश को नहीं जानते हैं। वहीं माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने भी ट्रंप के कदम की आलोचना की है। डीएसीए की शुरुआत बराक ओबामा के सरकार में की गई थी ताकि वैध दस्तावेजों के बिना भी लाए गए बच्चों और युवाओं को निर्वासन से बचाया जा सके।