
सैन फ्रांसिस्को। ट्विटर पर पोस्ट करने के लिए 140 शब्द की सीमा 2006 से ही है, लेकिन बुधवार को कंपनी ने नई 280 शब्दों की सीमा शुरू की है जो अब सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी। इसके तहत बंगाली, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, मराठी और तमिल भाषा में ट्वीट किए जा सकते हैं। ट्विटर ने सितंबर में चुने गए यूजर्स के साथ एक परीक्षण किया, जिसमें 140 शब्दों की समय सीमा हटा ली गई थी, ताकि वे ट्विटर पर अपने आप को आसानी से अभिव्यक्त कर सकें।
माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट टि्वटर ने बुधवार को एक ब्लाग पोस्ट में कहा कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि हम गति और संक्षिप्तता बनाए रखें, जो ट्विटर को ट्विटर बनाती है। सभी आंकड़ों को देखने के बाद हमने सभी भाषाओं में यह बदलाव लागू करने का फैसला किया है। परीक्षण के दौरान पहले कुछ दिनों कई लोगों ने 280 की पूर्ण सीमा तक ट्वीट किए, लेकिन थोड़ी दिन बाद उनका व्यवहार सामान्य हो गया।
ट्विटर की उत्पाद प्रबंधक अलीजा रोशन ने कहा कि हमने देखा कि लोगों को 140 कैरेक्टर की सीमा से अधिक की जरूरत है, ताकि वे और आसानी से और ज्यादा बार ट्वीट कर सकें। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि ज्यादातर लोगों ने ज्यादातर वक्त 140 कैरेक्टर से कम में ही ट्वीट किया। केवल 5 फीसदी ट्वीट ही 140 कैरेक्टर से लंबे होते हैं और केवल 2 फीसदी ट्वीट ही 190 कैरेक्टर से अधिक होते हैं।
ट्विटर का नया सेफ्टी कैलेंडर जारी
अपने प्लेटफार्म को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ट्विटर ने नया सेफ्टी कैलेंडर जारी किया है, जो नफरत फैलाने वाली सामग्रियों और दुरुपयोग को लेकर कंपनी के नियमों में आगामी परिवर्तनों का वर्णन करता है। कैलेंडर में यह भी बताया गया है कि जो लोग नियमों का उल्लंघन करते हैं, ट्विटर उनसे किस प्रकार संपर्क करती है तथा प्रवर्तन प्रक्रिया कैसे काम करती है।
ट्विटर के कुल 32.8 करोड़ यूजर्स हैं और इसके प्लेटफार्म पर नफरत फैलाने वाली या अपमानजनक सामग्रियों के पोस्ट होने को लेकर अक्सर आलोचना की जाती है। कंपनी ने गुरुवार देर रात एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, जैसा कि हमने पिछले हफ्ते कहा था, हम ट्विटर को एक सुरक्षित स्थान बनाने के प्रयास में जुटे है। हालांकि यह तुरंत हो जानेवाली प्रक्रिया नहीं है, लेकिन हम इसे सही करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
Published on:
08 Nov 2017 07:08 pm
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