
नई दिल्ली। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को अमरीका से बड़ा झटका लगा है। अमरीका ने उसकी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। एमएमएल आतंकी संगठन जमात-उद दावा की ही एक शाखा है। हाजिफ ने पिछले दिनों मिल्ली मुस्लिम लीग को एक राजनीतिक पार्टी बताते हुए पाकिस्तान के आम चुनाव में उतरने का दावा किया था।
संगठन का नाम बदलकर आतंक फैलाता था हाफिज
अमरीका के राज्य विभाग ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर ए-तैयबा (एलईटी), जिसका नाम प्रतिबंध की वजह से तहरीक-ए-आज़ादी-ए कश्मीर (ताजक) कर दिया गया, उसे भी विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया जाता है। इसके साथ ही लश्कर के सात सदस्यों को भी विदेश आतंकी घोषित किया गया, जो अब खुद को मिल्ली मुस्लिम लीग का सदस्य बताते हैं। अमरीका के इस ऐलान के बाद हाफिज के इस संगठनों से किसी भी तरह का लेनदेन गैरकानूनी होगा।
'राजनीतिक नहीं आतंकी संगठन है एलटी'
अमरीकी स्टेट डिपार्टमेंट के नेथन ए सेल्स ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है, जो आम जनता को धोखा देने के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है। एलटी एक आतंकी संगठन है इसके राजनीतिक पार्टी समझने की भूल न करें। हम ये सुनिश्चित करते हैं कि एलईटी राजनीतिक संगठन का रुप लेकर हिंसा नहीं फैला सकता है। हम इसे रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
पाकिस्तानी हाईकोर्ट ने हाफिज की पार्टी को दी मंजूरी
हाफिज सईद का राजनीति में प्रवेश को लेकर सियासत गर्म हो गई। चुनाव आयोग के फैसले को हाफिज ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। इसके बाद कोर्ट से हाफिज सईद की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को हरी झंडी दे दी गई। कोर्ट ने स्थानीय चुनाव आयोग को निर्देश देते हुए कहा है कि जल्द से जल्द सईद की पार्टी को पंजीकृत करें। इस फैसले के बाद अब सईद की पार्टी के लिए रास्ता साफ हो गया है जिसे पाकिस्तान के चुनाव आयोग को अपनी मंजूरी देनी ही होगी
पाकिस्तान में आम चुनाव लड़ सकता है हाफिज
बता दें कि हाफिज सईद अपने ऊपर से आतंकी का ठप्पा हटाने के लिए पिछले साल अक्टूबर में मिल्ली मुस्लिम लीग नाम से एक चुनावी पार्टी का ऐलान किया था और पाकिस्तान चुनाव आयोग के पास पंजीकरण के लिए आवेदन दिया था लेकिन पाकिस्तान चुनाव आयोग ने एमएमएल को राजनीतिक दल के रुप में मान्यता देने से इंकार कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद भी हाफिज सईद ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधामंत्री नवाज शरीफ के संसदीय क्षेत्र लाहौर में पार्टी का दफ्तर खोल दिया था। साथ हीं हुंकार भरते हुए यह ऐलान कर दिया था कि उनकी पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) 2018 के आम चुनाव में भाग लेगा। लेकिन अब अमरीकी के इस ऐलान के बाद हाफिज की मुश्किलें एकबार फिर बढ़ सकती हैं।
मुंबई और संसद हमले का है गुनाहगार
गौरतलब है कि मिल्ली मुस्लिम लीग आतंकी सरगना हाफिज सईद का प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा का ही उपशाखा है। हाफिज सईद मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है। इस हमले में 166 लोगों मौत हुई हुई थी। हाफिज ने ही 2001 में भारतीय संसद पर हमला भी करवाया था। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने पिछले साल हाफिज सईद को नजरबंद कर दिया था। संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद समेत कई देशों ने हाफिज सईद को आतंकी घोषित किया है।
Published on:
03 Apr 2018 08:26 am
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